आयुष्मान योजना के तहत राज्य में अब तक 17 लाख से अधिक मरीजों का मुफ्त इलाज, 3300 करोड़ हुए खर्च

WhatsApp Channel Join Now
आयुष्मान योजना के तहत राज्य में अब तक 17 लाख से अधिक मरीजों का मुफ्त इलाज, 3300 करोड़ हुए खर्च


देहरादून, 05 मार्च (हि.स.)। उत्तराखंड में आयुष्मान योजना के तहत अब तक 17 लाख से अधिक मरीजों का निःशुल्क उपचार किया जा चुका है। इस पर राज्य सरकार 3300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च कर चुकी है।

प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, जिसके चलते अधिक से अधिक लोग विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत अल्मोड़ा में 57,862, बागेश्वर में 25,133, चमोली में 66,005, चम्पावत में 33,274, देहरादून में 4,18,295, हरिद्वार में 3,21,509, नैनीताल में 1,59,242, पौड़ी में 1,30,701, पिथौरागढ़ में 58,786, रुद्रप्रयाग में 39,989, टिहरी में 99,191, ऊधमसिंह नगर में 2,81,995 तथा उत्तरकाशी में 55,882 लाभार्थियों ने मुफ्त उपचार कराया है।

मंत्री ने बताया कि आयुष्मान योजना के अलावा राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना भी संचालित कर रही है। इसके तहत अब तक 4 लाख से अधिक लाभार्थियों ने कैशलेस उपचार का लाभ लिया है। इनमें 1.73 लाख लोगों ने आईपीडी तथा 2.31 लाख लोगों ने ओपीडी की कैशलेस सेवाएं प्राप्त की हैं। इस योजना पर अब तक 641 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश में 57 लाख तथा एसजीएचएस योजना के तहत 5 लाख से अधिक कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त 70 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के 25 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के वय वंदना योजना के तहत कार्ड बनाए गए हैं, जिनमें से 11 हजार से अधिक लाभार्थियों ने निःशुल्क उपचार का लाभ उठाया है। इस योजना पर करीब 30 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

मंत्री डा. रावत ने कहा कि आयुष्मान योजना से सूचीबद्ध अस्पतालों में सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को भी निःशुल्क उपचार की सुविधा दी जा रही है। दुर्घटना में घायलों के उपचार के लिए 1.50 लाख रुपये तक की कैशलेस सुविधा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सहयोग से उपलब्ध कराई जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

Share this story