बच्चों को बताए सुरक्षा के कानूनी अधिकार, साइबर अपराधों के प्रति भी किया जागरूक
हरिद्वार, 27 अक्टूबर (हि.स.)। बच्चों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण प्रदान करने तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से नेशनल इंटर कॉलेज धनोरी, शिक्षा सदन इंटर कॉलेज मेहवड़कला एवं जनता इंटर कॉलेज माजरी में ‘सुरक्षित बचपन’ विषय पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों, पॉक्सो अधिनियम, शारीरिक एवं मानसिक शोषण से बचाव और साइबर सुरक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रुड़की कपिल कुमार त्यागी एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम रुड़की चौरब बत्रा ने बच्चों को सरल भाषा में उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। न्यायिक अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से कहा कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें असुरक्षित महसूस कराता है या उनके साथ अनुचित व्यवहार करता है तो वे चुप न रहें। अपने माता-पिता, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों से सहायता लें और कानून की मदद लेने से न डरें।
कार्यशाला में बच्चों को गुड टच और बैड टच के अंतर को समझाते हुए अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही बाल सहायता हेल्पलाइन और शिकायत करने के माध्यमों की जानकारी भी दी गई।
कोतवाली कलियर पुलिस की ओर से भी छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने ऑनलाइन सुरक्षा, इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति सजग रहने की जानकारी दी।
कार्यक्रम में कोतवाली कलियर के प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक रमेश कुमार सैनी, उपनिरीक्षक विनोद गोला एवं उपनिरीक्षक अमित नौटियाल उपस्थित रहे। कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों में सुरक्षा के प्रति समझ विकसित करने के साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और आत्मविश्वासी बनाना रहा।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

