गुरुकुल कांगड़ी में आर्य वीर-आर्या वीरांगना शिविर का भव्य समापन

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गुरुकुल कांगड़ी में आर्य वीर-आर्या वीरांगना शिविर का भव्य समापन


हरिद्वार, 14 जुलाई (हि.स.)।गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय में सप्ताहभर चले आर्य वीर एवं आर्या वीरांगना प्रशिक्षण शिविर का समापन मंगलवार को आर्य दीक्षांत समारोह के साथ भव्य रूप से हुआ। वैदिक परंपरा के अनुसार ध्वजारोहण और मंत्रोच्चार के बीच नवदीक्षित आर्य वीरों एवं आर्या वीरांगनाओं को प्रशस्ति पत्र और वैदिक साहित्य भेंट कर सम्मानित किया गया।

सार्वदेशिक आर्य वीर दल, दिल्ली के शिविर प्रशिक्षण व्यवस्थापक बृहस्पति आर्य ने कहा कि जीवन सरल, सात्विक और सहयोगपूर्ण होना चाहिए। मातृवान, पितृवान और आचार्यवान संतान ही राष्ट्र की सच्ची सुरक्षा कर सकती है।

वैदिक विद्वान डॉ. योगेश भारद्वाज ने प्रकृति से जुड़ाव को संवेदनशील जीवन का आधार बताते हुए युवाओं से आर्य समाज और गुरुकुल की विचारधारा आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. एल.पी. पुरोहित ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के बीच संस्कार आधारित प्रशिक्षण की आवश्यकता और बढ़ गई है।

डॉ. श्याम सिंह ने परिवार और रिश्तों को मजबूत बनाने, शस्त्र के साथ शास्त्र की शिक्षा तथा भारतीय संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया। समारोह का मुख्य आकर्षण प्रशिक्षक धर्मवीर आर्य के निर्देशन में नानचाक, तलवार, फरसा और दंड संचालन के रोमांचक प्रदर्शन रहे। पिरामिड और स्तूप निर्माण की प्रस्तुति ने भी दर्शकों की सराहना बटोरी।

कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि शौर्य और वैदिक ज्ञान की रक्षा ही राष्ट्र की सुरक्षा की आधारशिला है।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. संदीप वेदालंकार, डॉ. अंकित और डॉ. मनोज ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्राध्यापक, आर्य समाज पदाधिकारी, विद्यार्थी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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