हरिद्वार में 24 घंटे के भीतर बाघ-बाघिन की मौत से हड़कंप, जहरीला मांस खिलाकर शिकार की आशंका, एक आरोपित गिरफ्तार

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हरिद्वार में 24 घंटे के भीतर बाघ-बाघिन की मौत से हड़कंप, जहरीला मांस खिलाकर शिकार की आशंका, एक आरोपित गिरफ्तार


हरिद्वार, 20 मई (हि.स.)। राजाजी टाइगर रिजर्व से सटे हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज में दो बाघों की संदिग्ध मौत ने वन विभाग से लेकर वन्यजीव संरक्षण एजेंसियों तक हड़कंप मचा दिया है। महज 24 घंटे के भीतर एक नर बाघ और एक बाघिन के शव बरामद होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में जहरीला मांस खिलाकर शिकार किए जाने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले में वन विभाग ने एक आरोपित वन गुर्जर को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य आरोपित फरार बताए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, 18 मई की शाम हरिद्वार वन प्रभाग की टीम को श्यामपुर रेंज की सजनपुर बीट स्थित जंगल में सर्च अभियान के दौरान करीब दो वर्षीय नर बाघ का शव मिला। बाघ के चारों पैर कटे हुए थे। वन विभाग की टीम अभी इस मामले की जांच में जुटी ही थी कि 19 मई को उसी क्षेत्र से करीब डेढ़ किलोमीटर दूरी पर एक और शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची टीम ने गदेरे में पत्तों से ढका हुआ दो वर्षीय मादा बाघ का शव बरामद किया। उसके भी पैर काटे गए थे। अधिकारियों का मानना है कि दोनों बाघ भाई-बहन थे और संभवतः अपनी मां के साथ उसी क्षेत्र में विचरण कर रहे थे।

वन विभाग काे आशंका है कि आरोपितों ने भैंस के शव में जहर मिलाकर बाघ बाघिन का शिकार किया और बाद में शवों के पंजे काट लिए और उन्हें बेचने की तैयारी कर रहे थे। बताया जा रहा है कि आरोपी रात के समय शवों से खाल और दांत निकालने की योजना बना रहे थे, लेकिन इससे पहले वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिल गई और कार्रवाई शुरू कर दी गई।

इस मामले में वन विभाग ने एक आरोपी आलम उर्फ फम्मी पुत्र शमशेर निवासी गुर्जर डेरा, श्यामपुर कंपार्टमेंट संख्या-9 को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

वहीं, मामले में नामजद तीन अन्य आरोपी — आमिर हमजा उर्फ मियां, आशिक और जुप्पी — अभी फरार हैं। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

मां बाघिन की तलाश में चल रहा सर्च ऑपरेशन-

वन अधिकारियों का कहना है कि दो वर्षीय बाघ आमतौर पर अपनी मां के साथ ही रहते हैं और उसी से शिकार करना सीखते हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि मृत बाघों की मां ने भी जहरीला मांस खाया हो सकता है।

इसी संभावना को देखते हुए वन विभाग और राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन ने पूरे इलाके में व्यापक सर्च अभियान शुरू कर दिया है। जंगल में कैमरा ट्रैप और गश्ती दलों की मदद से बाघिन की तलाश की जा रही है।

स्थानीय लोगों और वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि श्यामपुर रेंज और सिद्ध स्रोत क्षेत्र में लंबे समय से वन गुर्जरों की संख्या बढ़ रही है। आरोप है कि कई बार वन गुर्जर रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में भी भैंसों को चराने पहुंच जाते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं।

हरिद्वार वन प्रभाग के डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि नर बाघ का शव मिलने के बाद लगातार सर्चिंग की जा रही थी, जिसके दौरान मादा बाघ का शव भी बरामद हुआ।

डीएफओ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी को जेल भेज दिया गया है और फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

वन्यजीव संरक्षण पर बड़ा सवाल

एक ही दिन में दो बाघों की मौत ने उत्तराखंड में वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाघ देश का राष्ट्रीय पशु है और उनकी संख्या बढ़ाने के लिए वर्षों से विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। ऐसे में जहरीला मांस खिलाकर दो बाघों का शिकार होना वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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