स्वामी तुरीयानंद के अवतरण दिवस पर संत सम्मेलन में गूंजा गुरु महिमा का संदेश

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स्वामी तुरीयानंद के अवतरण दिवस पर संत सम्मेलन में गूंजा गुरु महिमा का संदेश


हरिद्वार, 30 अगस्त (हि.स.)। भोपतवाला स्थित स्वामी तुरीयानंद सत्संग सेवा आश्रम में ब्रह्मलीन स्वामी तुरीयानंद महाराज का 151वां अवतरण दिवस श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विशाल संत सम्मेलन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालु भक्तों ने भाग लेकर संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया।

गद्दीनशीन स्वामी विवेकानंद गिरि महाराज के संरक्षण में आयोजित समारोह में तीर्थनगरी के अनेक वरिष्ठ महामंडलेश्वर, महंत एवं संत शामिल हुए।

समारोह को संबोधित करते हुए स्वामी विवेकानंद गिरि महाराज ने गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब शिष्य का हाथ गुरु थाम लेते हैं तो गुरु उसे सत्य और सन्मार्ग की ओर ले जाकर जीवन को सार्थक बनाने का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने स्वामी तुरीयानंद महाराज के सनातन धर्म के लिए किए गए कार्यों का स्मरण करते हुए उन्हें श्रेष्ठ संतों में स्थान रखने वाला महापुरुष बताया।

गीता विज्ञान आश्रम पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी विज्ञानानंद महाराज ने कहा कि सनातन धर्म में गुरु को सर्वोच्च मार्गदर्शक माना गया है। गुरु सदैव अपने शिष्यों के कल्याण और उनके आध्यात्मिक उत्थान के लिए चिंतन करते हैं। गुरु की कृपा और मार्गदर्शन से ही व्यक्ति अपने जीवन को सही दिशा दे सकता है।

समारोह में गुरूमंडल पीठाधीश्वर स्वामी भगवत स्वरूप महाराज, स्वामी जनकपुरी, स्वामी शिवानंद, स्वामी प्रेमानंद, स्वामी ज्ञानानंद, स्वामी अनंतानंद, स्वामी चैतन्यपुरी, स्वामी धर्मानंद, डॉ. स्वामी हरिहर महाराज, स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी अभिषेक चैतन्यपुरी, स्वामी प्रज्ञान चैतन्य, स्वामी गोविंद दास, स्वामी रघुवंश पुरी, स्वामी शिवानंद, स्वामी बाल सूरज दास, स्वामी दिव्यांश वेदान्ती सहित ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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