आदि कैलाश परिक्रमा रन में इस बार दौड़ेंगे 1,300 धावक

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आदि कैलाश परिक्रमा रन में इस बार दौड़ेंगे 1,300 धावक


-पिछले साल के मुकाबले दोगुनी होगी भागीदारी, 14,500 फीट की ऊंचाई पर तैयारियों का जायजा

पिथौरागढ़, 17 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाली आदि कैलाश परिक्रमा रन 2.0 की तैयारियां तेज हो गई हैं। 24 से 26 अक्टूबर तक प्रस्तावित इस आयोजन में करीब 1,300 धावकों के भाग लेने की संभावना है। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुनी है।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, उपनिदेशक पर्यटन अतुल भंडारी और उपजिलाधिकारी धारचूला आशीष जोशी ने ज्योलिंगकोंग में करीब 14,500 फीट की ऊंचाई पर पहुंचकर आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से सभी तैयारियां पूरी करने के दिशा निर्देश दिए।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. सैनी ने छियालेख से बूदी, गर्ब्यांग, नपलचु, गुंजी, नाबी, रोकांग और कुटी समेत विभिन्न गांवों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने धावकों की सुरक्षा, सुविधाओं और आयोजन के दौरान आवश्यक इंतजामों की समीक्षा की। अधिकारियों को विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।

उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर आयोजन को सफल बनाने में सहयोग की अपील की। उन्होंने ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों से भी सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया।

जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने कहा कि धावकों की संख्या में संभावित वृद्धि को देखते हुए इस बार आयोजन की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सीमांत क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आयोजन को सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।

जिला प्रशासन का कहना है कि आदि कैलाश परिक्रमा रन के माध्यम से क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के साथ ही सीमांत गांवों की पर्यटन संभावनाओं को पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन में स्थानीय लोगों की भागीदारी से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

निरीक्षण के दौरान सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), कुमाऊं मंडल विकास निगम और पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अलावा कुटी गांव के प्रधान नागेंद्र कुटियाल सहित अन्य स्थानीय ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने भी व्यवस्थाओं से संबंधित चर्चा में भाग लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

Livevns.news Desk
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