आईसीएआर-आईआईएसडब्ल्यूसी का 73वां स्थापना दिवस
देहरादून, 07 अप्रैल (हि.स.)। आईसीएआर-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान (आईआईएसडब्ल्यूसी), देहरादून ने मंगलवार को अपना 73वाँ स्थापना दिवस उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाया। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, अधिकारियों, किसानों व विभिन्न हितधारकों की सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. हरेंद्र सिंह बिष्ट ने संस्थान के कार्यों की सराहना करते हुए मृदा संरक्षण एवं जल प्रबंधन के क्षेत्र में इसके योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने संरक्षण तकनीकों को ऊर्जा दक्षता के साथ जोड़ने पर बल दिया।
विशिष्ट अतिथि कहकशां नसीम ने स्प्रिंगशेड व नदी पुनर्जीवन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. एम. मदहु ने संस्थान की उपलब्धियों एवं शोध कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर बताया गया कि संस्थान द्वारा मृदा क्षरण में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है और जलग्रहण विकास कार्यक्रमों के माध्यम से बड़े क्षेत्र में उपचार कार्य किया गया है।
कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया व तकनीकी पुस्तिकाओं एवं पत्रिका ‘बुरांश’ का विमोचन किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं खेलकूद गतिविधियों का भी आयोजन हुआ, जिसमें लगभग 160 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल

