विपरीत परिस्थितियों के बावजूद छात्र हित में कार्य करें शिक्षकः एडीएम

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विपरीत परिस्थितियों के बावजूद छात्र हित में कार्य करें शिक्षकः एडीएम


विपरीत परिस्थितियों के बावजूद छात्र हित में कार्य करें शिक्षकः एडीएम


नई टिहरी, 10 अक्टूबर (हि.स.)। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) नई टिहरी में तीन दिवसीय क्रियात्मक अनुसंधान की प्रथम चरण की कार्यशाला संपन्न हो गई। जिसमें सभी 9 ब्लॉक के चयनित 36 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला में शिक्षकों को किसी भी प्रकार की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद छात्र हित में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

शनिवार को डायट सभागार में प्राचार्य दीपक रतूड़ी ने कार्यशाला का समापन करते हुए प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र बांटे। कार्यशाला समन्वयक देवेंद्र भंड़ारी, सहसमन्वयक डॉ. सुमन नेगी ने क्रियात्मक अनुसंधान के महत्व, आवश्यकता, रूपरेखा एवं क्रियाविधि बताई। प्रतिभागियों ने एनसीईआरटी द्वारा विकसित क्रियात्मक अनुसंधान के प्रारूप केे विभिन्न चरणों को समझने के लिए समूहवार चर्चा की।

वहीं अनुश्रवण के लिए पहुंचे एडीएम शैलेंद्र नेगी ने प्रतिभागियों से बातचीत की। कहा गया कि प्रत्येक छात्र की सीखने की क्षमता भिन्न-भिन्न होती है। ऐसे में क्रियात्मक अनुसंधान की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। एडीएम ने डीएलएड प्रशिक्षुओं के प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा का निरीक्षण भी किया।

संस्थान द्वारा विकसित भौतिक एवं विज्ञान उत्कृष्टता केंद्र के अंतर्गत विकसित मॉडल प्रश्न पत्रों की उन्होंने प्रशंसा की। कहा कि ये प्रश्न पत्र विद्यार्थियों की परिषदीय परीक्षा की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगें। डायट प्राचार्य ने बीते 7 सितम्बर व 5 अक्तूबर 2026 को सम्पन्न परख (आकलन) के परिणामों की जानकारी भी दी गई। इस मौके पर डॉ. वीर सिंह रावत, सीमा शर्मा, डॉ. राजकिशोर, डॉ. विजय मोहन गैरोला, रणजीत पंवार, नीलम बागडी, अंजली जोशी, अभिषेक सेमवाल, सुरेश रतूडी, शुभम डोभाल उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी

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