महाराणा प्रताप के स्वाभिमान की गूंज से गूंजा धारीवाला

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महाराणा प्रताप के स्वाभिमान की गूंज से गूंजा धारीवाला


हरिद्वार, 09 मई (हि.स.)। लक्सर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के ग्राम धारीवाला में शनिवार को राष्ट्र गौरव, स्वाभिमान और अदम्य शौर्य के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती ऐतिहासिक और भव्य अंदाज में मनाई गई। गांव में महाराणा प्रताप की विशाल प्रतिमा का वैदिक मंत्रोच्चारण, यज्ञ और हवन के बीच विधि-विधान के साथ अनावरण किया गया। कार्यक्रम में उमड़ी लोगों की भीड़ ने इसे क्षेत्र के सबसे बड़े सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति से जुड़े आयोजनों में शामिल कर दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वामी यतीश्वरानंद, भरत सिंह चौधरी और प्रदीप बत्रा मौजूद रहे। मंच से नेताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन संघर्ष, स्वाभिमान और राष्ट्ररक्षा के लिए दिए गए बलिदान को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम पूर्ण वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। पंडित राजकुमार शर्मा और पंडित देवकीनंदन शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना और हवन संपन्न कराया। हवन कुंड से उठती आहुतियों और “महाराणा प्रताप अमर रहें” के नारों से पूरा गांव राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया।

कार्यक्रम का संचालन पूर्व प्रधान एवं जिला पंचायत सदस्य साधुराम चौहान ने किया। आयोजन स्थल पर करीब पांच हजार से अधिक लोगों की भारी भीड़ उमड़ी, जिसमें युवाओं की भागीदारी सबसे अधिक देखने को मिली। ग्रामीणों ने इसे केवल प्रतिमा अनावरण नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, संस्कृति और स्वाभिमान की नई चेतना का संदेश बताया।

स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे महानायक हैं जिन्होंने मुगलों की अधीनता स्वीकार करने के बजाय जंगलों में रहना मंजूर किया, लेकिन स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। कहा कि महाराणा का जीवन युवाओं को संघर्ष, साहस और मातृभूमि के लिए समर्पण का संदेश देता है।

भरत सिंह चौधरी ने कहा कि महाराणा प्रताप का पूरा जीवन संघर्ष और आत्मसम्मान की मिसाल रहा। उन्होंने कहा कि हल्दीघाटी का युद्ध इतिहास में भले अलग-अलग रूपों में दर्ज हो, लेकिन महाराणा प्रताप ने कभी पराधीनता स्वीकार नहीं की।

प्रदीप बत्रा ने कहा कि महाराणा प्रताप का नाम इतिहास में वीरता, संघर्ष और देशभक्ति के स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। उन्होंने कहा कि जब-जब राष्ट्रभक्ति और आत्मसम्मान की बात होगी, तब-तब महाराणा प्रताप का नाम सबसे आगे लिया जाएगा।

चौहान क्षत्रिय कल्याण महासभा उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर जयपाल सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हिंदुस्तान की वीरता और अस्मिता का सबसे बड़ा अध्याय है। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी नई पीढ़ी को महाराणा प्रताप के इतिहास और बलिदान से परिचित कराना चाहिए।

कार्यक्रम में भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। थाना अध्यक्ष रविंद्र कुमार अपनी पूरी टीम के साथ मौके पर मुस्तैद रहे। पुलिस प्रशासन ने पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।

इस अवसर पर राज्यमंत्री सुनील सैनी, ठाकुर रविंद्र सिंह, नेत्रपाल सिंह चौहान, बलवंत सिंह चौहान, ग्राम प्रधान शिवानी चौहान, ज्योति चौहान, यशपाल सिंह चौहान, करण सिंह, कदम सिंह चौहान, सतीश चौहान, कृष्णपाल चौहान, विजय चौहान, धर्मेंद्र सिंह चौहान, अशोक राणा, सुभाष चौहान, शिवम कश्यप, वेदपाल राणा, एडवोकेट सतपाल, पप्पू चौहान, सरदार करण सिंह, क्षेत्रपाल चौहान और अंकुर चौहान आदि मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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