महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती पर राज्य मंत्री सुनील सैनी ने दी श्रद्धांजलि

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महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती पर राज्य मंत्री सुनील सैनी ने दी श्रद्धांजलि


नारी शिक्षा और सामाजिक समानता के प्रबल समर्थक थे ज्योतिबा फुले

हरिद्वार, 11 अप्रैल (हि.स.)। महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर राज्य मंत्री सुनील सैनी ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कोटि-कोटि नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले एक महान समाज सुधारक, नारी शिक्षा के अग्रदूत, लेखक और सामाजिक समानता के प्रबल समर्थक थे।

राज्य मंत्री ने कहा कि महात्मा फुले का जीवन समाज में समानता, न्याय और शिक्षा के अधिकार को बढ़ावा देने के लिए समर्पित रहा। उन्होंने उस सामाजिक व्यवस्था को चुनौती दी, जिसमें जाति और वर्ग के आधार पर भेदभाव किया जाता था। फुले जी ने अपने पूरे जीवन को समाज के वंचित, शोषित और पीड़ित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया।

उन्होंने आगे कहा कि महात्मा फुले का मानना था कि शिक्षा ही समाज में परिवर्तन की सबसे बड़ी कुंजी है। इसी सोच के साथ उन्होंने वर्ष 1848 में पुणे में पहली बालिका विद्यालय की स्थापना की, जिससे लड़कियों को शिक्षा का अधिकार मिला। उनका यह कदम नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित हुआ।

सुनील सैनी ने कहा कि महात्मा फुले ने अपने लेखन, भाषणों और विचारों के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उनकी रचनाओं ने लोगों में सामाजिक चेतना का संचार किया और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाया।

उन्होंने कहा कि महात्मा फुले का उद्देश्य केवल शिक्षा तक सीमित नहीं था, बल्कि वे महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना चाहते थे। उनका विश्वास था कि एक सशक्त महिला ही एक सशक्त समाज की नींव रखती है। उन्होंने कहा कि महात्मा फुले का संपूर्ण जीवन नारी उत्थान एवं समाज के वंचित वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित रहा। उनके विचार हमें सदैव भेदभाव रहित और समतामूलक समाज के निर्माण की प्रेरणा देते रहेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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