शांतिकुंज में जन्म शताब्दी अनुयाज के लिए वर्चुअल राष्ट्रीय संगोष्ठी

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शांतिकुंज में जन्म शताब्दी अनुयाज के लिए वर्चुअल राष्ट्रीय संगोष्ठी


हरिद्वार, 17 मार्च (हि.स.)। अखिल विश्व गायत्री परिवार के मुख्यालय शांतिकुंज में माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी तथा अखण्ड दीप के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह से उभरे संकल्पों को पूरा करने और देशव्यापी अनुयाज कार्यक्रमों को गति देने के उद्देश्य से एक वर्चुअल राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए अखिल विश्व गायत्री परिवार के डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि यह जन्मशताब्दी वर्ष उन संकल्पों को धरातल पर उतारने का समय है जो समाज के नैतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्थान के लिए किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने संकल्प के प्रति अडिग रहता है, वही अपने सौभाग्य को साकार कर पाता है। यह वर्ष हमारे लिए तीन महा-सौभाग्यों का अद्भुत त्रिवेणी संगम लेकर आया है, अखंड दीपक के प्रज्वलन के 100 वर्ष, गुरुदेव की महान तप-साधना के 100 वर्ष और माता भगवती देवी के जन्म के 100 वर्ष। डॉ. पण्ड्या ने बल देकर कहा कि अभी तो यज्ञ शुरू हुआ है, केवल पहली आहुति पड़ी है।

उन्होंने बताया कि आगामी समय में देशभर में युवा सम्मेलन, नारी सम्मेलन, 108 कुण्डीय यज्ञ और जनजागरण कार्यक्रमों की श्रृखला आयोजित की जाएगी। ये कार्यक्रम नवरात्रि के बाद प्रारंभ होकर मई माह तक निरंतर चलेंगे। इससे पूर्व संगोष्ठी में व्यवस्थापक योगेन्द्र गिरि ने जन्मशताब्दी अनुयाज कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा से सभी को अवगत कराया। राष्ट्रीय जोन समन्वयक डॉ. ओ.पी. शर्मा ने जन्मशताब्दी अनुयाज क्रम को गति देने और इसे जन-जन तक पहुँचाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया। वर्चुअल संगोष्ठी में उत्तराखण्ड, दिल्ली, बिहार, झारखण्ड, राजस्थान, पंजाब, महाराष्ट्र सहित चौबीस से अधिक राज्यों के सक्रिय कार्यकर्त्ता जुड़े।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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