भुवनेश्वरी सिद्ध पीठ में भक्ति और संस्कृति का दिखा अद्भुत संगम

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पौड़ी गढ़वाल, 23 मार्च (हि.स.)। चैत्रीय नवरात्रि के पावन अवसर पर भुवनेश्वरी सिद्ध पीठ में पंचम दिवस पर मां भगवती का पूजन स्कंदमाता के रूप में अत्यंत श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर में भक्तों की अपार भीड़ उमड़ पड़ी और सभी श्रद्धालुओं ने मां के दिव्य दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला भी निरंतर जारी है। पूर्व दिवसों की भांति इस दिन भी विभिन्न क्षेत्रों से आई कीर्तन मंडलियों पोखरी, जय नागराज प्रेमनगर एवं बैंज्वाड़ी—की टीमों ने अपने मधुर भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

मंदिर परिसर में आयोजित प्रवचन प्रतियोगिता भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जिसमें छात्र-छात्राएं प्रतिदिन विभिन्न विषयों पर अपने विचार व्यक्त कर श्रद्धालुओं को ज्ञानवर्धक संदेश दे रहे हैं। पारंपरिक मध्यान्ह पूजा के अंतर्गत श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा, आस्था और विश्वास के साथ मां की पांच परिक्रमा की। इस दौरान ढोल-दमाऊं जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज से पूरा वातावरण देवमय हो उठा और ढोल वादकों ने अपनी थाप से मां का भावपूर्ण आवाहन किया।

पंचम दिवस के इस शुभ अवसर पर पंच तत्व के संस्थापक एवं सुप्रसिद्ध वास्तु शास्त्र के ज्ञाता डॉ. मनोज जुयाल अपनी टीम के साथ दिल्ली से मंदिर पहुंचे। मंदिर समिति के अध्यक्ष दिगंबर जुयाल, सतीश जुयाल, नवीन जुयाल, अनसूया प्रसाद एवं वीरेंद्र नैथाणी सहित अन्य सदस्यों ने उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान किया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. नवीन ममगाईं ने किया।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

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