मुंबई में वरिष्ठ पत्रकार डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को मिला राजभाषा गौरव पुरस्कार
नैनीताल, 15 सितंबर (हि.स.)। नगर के वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक तथा कुमाऊं विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को नवी मुंबई में आयोजित अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग की ओर से द्वितीय राजभाषा गौरव पुरस्कार प्रदान किया गया। पुरस्कार के तहत उन्हें प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न और एक लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है।
उल्लेखनीय है कि इस अवसर पर देशभर से विभिन्न श्रेणियों में 13 लेखकों को सम्मानित किया गया, जिनमें डॉ. तिवारी उत्तराखंड से सम्मान पाने वाले एकमात्र लेखक और पहले पत्रकार हैं। डॉ. तिवारी को यह सम्मान उनकी पुस्तक ‘अतीत से वर्तमान तक: नैनीताल का सफर और गॉथिक राजभवन के निर्माण की अद्भुत गाथा’ के लिए दिया गया।
पुस्तक में नैनीताल के इतिहास, राजभवन के निर्माण, वास्तुकला तथा सामाजिक-सांस्कृतिक विकास का शोधपरक विवरण प्रस्तुत किया गया है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और बंडी संजय कुमार ने उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए हिंदी के प्रचार-प्रसार और लेखन में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
गौरतलब है कि डॉ. तिवारी हिंदी लेखन और पत्रकारिता के लिए अमेरिका, हंगरी और मॉरीशस के भारतीय दूतावासों सहित थाईलैंड, सिंगापुर तथा देश-विदेश की विभिन्न संस्थाओं से सम्मानित हो चुके हैं। उन्होंने पत्रकारिता पर तीन पुस्तकें लिखी हैं और उनके दो दर्जन शोधपत्र तथा एक हजार से अधिक लेख प्रकाशित हो चुके हैं। उन्हें उत्तराखंड रत्न, आरटीआई अवार्ड और अंतरराष्ट्रीय भारत सम्मान अचीवर्स अवार्ड सहित कई सम्मान मिल चुके हैं।
‘हिंदी शब्द-सिंधु’ में आठ लाख शब्द शामिल
सम्मेलन में अमित शाह ने ‘हिंदी शब्द-सिंधु’ पर बताया कि इसमें अब तक आठ लाख शब्द शामिल हो चुके हैं, जिनमें विभिन्न भारतीय भाषाओं के 50 हजार से अधिक स्थानीय शब्द भी जोड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2029 तक इसे विश्व का सबसे बड़ा शब्दकोश बनाने का लक्ष्य है। सम्मेलन में विभिन्न प्रकाशनों का लोकार्पण करने के साथ ‘भारती बहुभाषी अनुवाद सारथी’ ऐप और भारतीय भाषाओं के लिए डेटा सेंटर ‘भाषा कुंज’ का भी लोकार्पण किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

