नैनीताल में पूरे दिन वर्षा, 17 मोटर मार्ग अवरुद्ध, अब तक तीन जनहानि

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नैनीताल में पूरे दिन वर्षा, 17 मोटर मार्ग अवरुद्ध, अब तक तीन जनहानि


नैनीताल, 14 अगस्त (हि.स.)। नैनीताल जनपद में शुक्रवार को रात्रि से हो रही हल्की वर्षा अपराह्न तक भी जारी है, और इसके आगे भी जारी रहने की संभावना नजर आ रही है। बारिश के कारण भूस्खलन होने से जनपद में 17 मोटर मार्ग अवरुद्ध हो गये हैं। अलबत्ता जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार विद्युत और पेयजल आपूर्ति सामान्य है तथा संबंधित विभाग मार्ग खोलने में जुटे हैं।

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार शुक्रवार प्रातः 8 बजे तक बीते 24 घंटे में हल्द्वानी (काठगोदाम) में 28 मिमी, कालाढूंगी में 18 मिमी, रामनगर में 14.4 मिमी, नैनीताल में 1 मिमी और बेतालघाट में 1.5 मिमी वर्षा दर्ज हुई। श्री कैंची धाम, खनस्यू, मुक्तेश्वर और चोरगलिया में वर्षा नहीं हुई। जनपद की औसत वर्षा 6.3 मिमी तथा एक जून से अब तक संचयी वर्षा 579.17 मिमी दर्ज की गयी। गोला नदी का डिस्चार्ज 1709 क्यूसेक, कोसी नदी का 2999 क्यूसेक और नंधौर नदी का 340.40 क्यूसेक रहा। गोला, कोसी और नंधौर नदियों के चेतावनी तथा खतरे के स्तर क्रमशः 27,576-41,364, 51,786-76,998 और 10,000-35,075 क्यूसेक हैं। हालांकि यह आंकड़े सुबह आठ बजे तक के हैं और बारिश इसके बाद भी लगातार जारी है।

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार बारिश के कारण कूल मोटर मार्ग (किमी 1 और 5 पर), गजिया-घुघुतीधार-बेतालघाट मोटर मार्ग (किमी 19 पर), फतेहपुर-बेल मोटर मार्ग (किमी 12 पर), अंबेडकर ग्राम-रिखोली मोटर मार्ग (किमी 15 पर), भीड़ापानी-महतोली मोटर मार्ग (किमी 4 पर), कोंता-ककोड़-हरीशताल मोटर मार्ग (किमी 9, 15 और 26 पर) तथा पतलोट-पस्यागांव मोटर मार्ग (किमी 7 पर) अवरुद्ध हैं। इन सभी मार्गों को खोलने की कार्रवाई जारी है। इनके अतिरिक्त खुजेटी-भौनरा, ढोलीगांव-कैड़ागांव, बरेली-अल्मोड़-सिरसा, खनस्यूं-टांडा, पदमपुरी-सुवाकोट-पोखरी, छीड़ाखान-अधोरा-अमजड़, टपुवा-बबियाड़, भवाली बाइपास-2, रानीबाग-भीमताल व हरिनगर चंदादेवी मोटर मार्ग भी बंद हैं। यह भी बताया गया है कि जनपद में अब तक बारिश-दैवी आपदा के अनुसार तीन लोगों की जनहानि हुई है। छह भवनों को आंशिक क्षति पहुंची है, 20 घरों की आंगन की दीवार को क्षति पहुंची है, और एक छोटे पशु की क्षति दर्ज हुई है। अलबत्ता एक भी पूर्ण भवन और बड़े पशु की क्षति दर्ज नहीं हुई।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

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