30 हजार करोड़ की जमीन 15 साल की लीज पर देने पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा
पौड़ी गढ़वाल, 16 सितंबर (हि.स.)। उत्तराखंड की बेशकीमती सरकारी जमीनों को लीज पर दिए जाने के मुद्दे पर कांग्रेस ने धामी सरकार को घेरा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनोद नेगी ने मसूरी में करीब 142 एकड़ सरकारी भूमि को निजी कंपनी को 15 वर्ष के लिए लीज पर दिए जाने का दावा करते हुए इसकी शर्तों, प्रक्रिया और सरकार को होने वाले आर्थिक लाभ को सार्वजनिक करने की मांग की।
बुधवार को कांग्रेस जिला कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में नेगी ने दावा किया कि वर्ष 2023 में मसूरी की करीब 142 एकड़ सरकारी भूमि एक निजी कंपनी को महज एक करोड़ रुपये वार्षिक लीज पर दी गई। उन्होंने इस जमीन की बाजार कीमत करीब 30 हजार करोड़ रुपये होने का दावा करते हुए पूछा कि इतनी बेशकीमती सरकारी संपत्ति को लीज पर देने के पीछे सरकार की नीति और जरूरत क्या है।
उन्होंने कहा कि इसी तरह विभिन्न सरकारी विभागों की करीब 1200 एकड़ भूमि से जुड़े प्रस्ताव उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (यूआईआईडीबी) के माध्यम से आगे बढ़ाए जा रहे हैं। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि सरकारी जमीनों को निजी परियोजनाओं के लिए उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में स्थानीय लोगों के हित और सार्वजनिक उपयोग को किस तरह सुरक्षित किया जा रहा है।
नेगी ने उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर बोर्ड एक्ट-2023 के तहत सरकारी संपत्तियों को लीज पर देने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को जमीनों से जुड़े सभी प्रस्ताव, लीज की शर्तें, चयन प्रक्रिया, कंपनियों के साथ हुए समझौते और अब तक किए गए करार सार्वजनिक करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन जनता की संपत्ति है। ऐसे में बेशकीमती जमीनों को निजी परियोजनाओं के लिए देने से पहले सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी, निर्णय किस प्रक्रिया के तहत लिया गया और इससे प्रदेश व स्थानीय जनता को क्या लाभ मिलेगा। उन्होंने सरकार से पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
प्रेसवार्ता में वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुंदर लाल मुयाल, नगर अध्यक्ष भरत रावत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य तामेश्वर आर्य, अल्पसंख्यक विभाग के जिलाध्यक्ष राहत हुसैन आदि मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

