खनन विशेषज्ञ रहे हरदा के विवादास्पद काल में खनन रहा लूट का जरिया: मनवीर चौहान
- पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यकाल में खनन लूट का स्रोत, आज राजस्व का जरिया
देहरादून, 01 सितंबर (हि. स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरदा राजनीतिज्ञ के साथ-साथ खनन विशेषज्ञ भी रहे हैं और उनका कार्यकाल विवादों के अलावा खनन माफिया की धमाचौकड़ी के लिए भी जाना जाता है।
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने खनन पर पूर्व मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में खनन लूट का स्रोत था, जबकि आज प्रदेश के राजस्व का बेहतर जरिया बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि 400 करोड़ राजस्व पांच महीने में अप्रैल से अगस्त में प्राप्त हुआ है जो कांग्रेस कार्यकाल मे खनन से प्राप्त राजस्व से तीन गुना अधिक है। वहीं पिछले वर्ष के मुक़ाबले दो गुना राजस्व अर्जित करने में सफलता मिली है। हरिद्वार या अन्य स्थानों मे 4 माह के लिए खनन बन्द रहता है, लेकिन वह बेवजह खनन को लेकर अपने विशेषज्ञ होने का ढोल पीट रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अवैध खनन को प्रश्रय देने वाले पूर्व मुख्यमंत्री खनन प्रेम में इतने डूबे रहे हैं कि गंगा को नहर घोषित करने का बाक़ायदा उन्होंने शासनादेश जारी किया और विरोध होने पर बाद में माफ़ी भी मांगी। उस समय पुलिस के पहरे में अवैध खनन होता था। राम नगर में डीएफओ को वाहन से रौंदने की घटना हो या थानेदार की चेयर पर खनन माफिया का बैठने की सुर्खियों से समाचार पत्र पटे रहे।
मनवीर चौहान ने कहा कि आज अवैध खनन पर रोक लगी तो कांग्रेस खनन माफियाओं की आवाज बन गयी है। आम जन इसे भली भांति जानता है कि किन नदियों से मामूली राजस्व प्राप्त होता था। आज वह कैसे प्रदेश के राजस्व में वृद्धि का कारण बन रही है। कांग्रेस जबाब देने के बजाय दुष्प्रचार कर रही है। राज्य के संसाधनों की लूट करने वाली कांग्रेस को जनता ने जो दंड दिया है वह पूरा नहीं हुआ है और उसे पाश्चाताप की जरूरत है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार
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