सिडकुल श्रमिकों को अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर : बालियान

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सिडकुल श्रमिकों को अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर : बालियान


हरिद्वार, 16 मई (हि.स.)। कांग्रेस नेता वरूण बालियान ने कहा कि सिडकुल क्षेत्र में लगभग 95 प्रतिशत श्रमिक ठेकेदारी प्रथा के तहत कार्य करने को मजबूर हैं और वेतन वृद्धि सहित विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं।

प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में वरूण बालियान ने कहा कि श्रमिकों की स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। मजदूरों को अपने हक और अधिकारों के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है, जबकि जनप्रतिनिधि उनकी आवाज उठाने में विफल साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाता, तो कर्मचारियों को सड़कों पर उतरने की नौबत नहीं आती।

उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार, कंपनियां और कुछ जनप्रतिनिधि मिलकर श्रमिकों का शोषण कर रहे हैं। कंपनियां अपने नियमों का हवाला देकर कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रही हैं, जबकि संबंधित अधिकारियों को स्थिति की पूरी जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।

उन्होंने याद दिलाया कि सिडकुल स्थापना के समय 70 प्रतिशत स्थानीय और 30 प्रतिशत बाहरी लोगों को रोजगार देने की सहमति बनी थी, लेकिन अब इस व्यवस्था की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने मांग की कि श्रमिकों को न्यूनतम वेतन के साथ ओवरटाइम और बोनस का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।

प्रेसवार्ता के दौरान महिपाल सिंह, चंद्रेश कुमार, अशोक गिरी, पूर्व पार्षद इसरार सलमानी, पार्षद विवेक भूषण विक्की, अंकित चौहान, अयान, रियाज अंसारी, परितोष त्यागी, दिव्यांश अग्रवाल, लक्ष्य चौहान आदि मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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