कैंची धाम क्षेत्र में 26 होटल-होम स्टे का निरीक्षण, सभी में नियमों का उल्लंघन
नैनीताल, 7 अक्टूबर (हि स) ।गत दिवस कैंची धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और इस दौरान श्रद्धालुओं से अत्यधिक किराया वसूले जाने की शिकायतों के बीच कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत एवं नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने क्षेत्र के होम स्टे के निरीक्षण के निर्देश दिये थे।
आदेशों पर बुधवार को जिला पर्यटन विकास अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्य की टीम ने बुधवार को कैंची धाम क्षेत्र में संचालित होटल और होम स्टे इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान 26 इकाइयों की जांच की गई। इनमें से मानकों का पालन नहीं करने पर 22 पंजीकृत इकाइयों पर प्रति इकाई 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया, जबकि चार इकाई संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। दो गैर पंजीकृत होम स्टे को बंद करने के निर्देश दिये गये।
निरीक्षण में 22 पंजीकृत इकाइयों में पंजीकृत कक्षों से अधिक कक्ष संचालित पाए गए और नियमावली के उल्लंघन पर अर्थदंड लगाया गया। वहीं बिना पंजीकरण संचालित दो इकाइयों पर भी अर्थदंड लगाने के साथ तत्काल प्रभाव से संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए। चार इकाइयों में रेट लिस्ट निर्धारित तरीके से प्रदर्शित नहीं होने और अन्य कमियां पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
जिला पर्यटन अधिकारी आर्य के अनुसार अर्थदंड वाली इकाइयों में चिराग, त्रिशूल, कृष्णा, त्रिलोकी, माधवी, निर्मल, मां भगवती, रक्षिता, दीप्ति, कुंदन नेगी, शरद तिवारी, उर्बा दत्त तिवारी होम स्टे एवं मंजू पांडे व रेखा बिष्ट के होम स्टे, होटल ट्रिनीटि, बाबा बेन्सन रिसोर्ट, होटल ग्रीन वैली व होटल मोहन स्टे शामिल हैं। हर्षित तिवारी होम स्टे और मारूती होम स्टे को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही हेमंत कुमार मेहता, कासा माउंटेन, गिरी राज किशोर गुप्ता और विवेक कुमार शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें कुछ नाम बड़े होटलों के हैं। इस प्रकार देखा गया कि कैंची धाम में छोटे से बड़े, निरीक्षण की जद में आये सभी पर्यटन संस्थान नियमों की अवहेलना करते पाये गये हैं।
आर्य ने बताया कि जनपद में होटल और होम स्टे इकाइयों का नियमित भौतिक निरीक्षण किया जा रहा है। मानकों के अनुरूप संचालन नहीं पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

