पुलिस पर गोली चलाने के आरोपित यशोद सिंह मेहरा की जमानत याचिका खारिज

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पुलिस पर गोली चलाने के आरोपित यशोद सिंह मेहरा की जमानत याचिका खारिज


-भालुओं का शिकार कर उनकी पित्त की थैली ऊंचे दामों में बेचे जाने की शिकायत पर पहुंची थी एसटीएफ

नैनीताल, 03 जनवरी (हि.स.)। जिला एवं सत्र न्यायाधीश नैनीताल हरीश कुमार गोयल ने नैनीताल जनपद के थाना खनस्यूं में पिछले वर्ष दर्ज पुलिस कर्मी पर गोली चलाने के एक अभियोग के मामले में भारतीय न्याय संहिता में आरोपित यशोद सिंह मेहरा की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। न्यायालय ने माना कि आरोपित अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं और जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता।

न्यायालय में सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अघिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा की ओर से न्यायालय को अवगत कराया गया कि 6 दिसंबर 2025 को कुमाऊं एसटीएफ एवं वन विभाग की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि खनस्यूं क्षेत्र में जंगली जानवरों विशेषकर भालुओं का शिकार कर उनकी पित्त की थैली ऊंचे दामों में बेची जा रही है।

सूचना के आधार पर एसटीएफ टीम वन विभाग के साथ छेड़ाखान नर्सरी के समीप पहुंची। वहां जंगल में छिपे व्यक्तियों ने पुलिस व एसटीएफ की टीम पर जान से मारने की नीयत से गाली चलायी। इस दौरान आरक्षी भूपेन्द्र मर्तोलिया को सीने और पेट के पास गोली के छर्रे लगे जबकि एक राहगीर नर सिंह भी जबड़े में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ।

अभियोजन के अनुसार घटना के बाद एक सह आरोपित सुन्दर सिंह रेकुड़ी को मौके से गिरफ्तार किया गया जबकि यशोद सिंह मेहरा फरार हो गया था। उसने बाद में न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। मेडिकल रिपोर्ट में दोनों घायलों को आग्नेयास्त्र से गंभीर चोटें आना पाया गया है। आरक्षी भूपेन्द्र मर्तोलिया का उपचार अभी भी चिकित्सालय में चल रहा है।

राज्य की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यशोद सिंह मेहरा मुख्य आरोपित है, उसी ने पुलिस टीम पर गोली चलायी। यदि उसे जमानत पर रिहा किया गया तो उसके फरार होने की पूरी संभावना है। न्यायालय ने अभियोजन के तर्कों, मेडिकल रिपोर्ट और मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

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