पौड़ी रामलीला में सुपर्णखा के अभिनय ने मोहा दर्शकों का मन

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पौड़ी रामलीला में सुपर्णखा के अभिनय ने मोहा दर्शकों का मन


पौड़ी गढ़वाल, 17 अक्टूबर (हि.स.)। पौड़ी की ऐतिहासिक रामलीला के छठवें दिन कलाकारों ने शानदार अभिनय और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। लीला का शुभारंभ भगवान की आरती ‘जो तू चाहे सो क्षण में करें’ से हुआ। इसके बाद आरुषि नेगी, अदिति रावत, वंशिका और आयुषी ने भाव नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पौड़ी विधायक राजकुमार पोरी ने वंदना और आरती में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि पौराणिक कथाएं आज भी प्रासंगिक हैं और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों व आचरण से प्रेरणा लेकर जीवन को श्रेष्ठ बनाया जा सकता है। श्रीराम के आदर्श व्यक्ति को अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सही मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने रामलीला के आयोजन के लिए समिति के प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष केसर सिंह नेगी, पूर्व विधायक एवं पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम और पालिका अध्यक्ष हिमानी नेगी मौजूद रहे। रामलीला के छठवें दिन कैकई-भरत संवाद, भरत के चित्रकूट प्रस्थान, पंचवटी में सीता जी को प्यास लगने, अत्रि मुनि और माता अनसूया से भेंट, सुपर्णखा की नाक कटने, खर-दूषण वध और रावण-सुपर्णखा संवाद तक की लीला का मंचन किया गया। अत्रि मुनि की भूमिका गोपाल नेगी, अनसूया की भूमिका सोनम डोभाल, सुपर्णखा की भूमिका कशिश, खर की भूमिका कृष और दूषण की भूमिका प्रज्ज्वल ने निभाई।

सुपर्णखा के किरदार में कशिश ने अपने अभिनय और नृत्य से विशेष छाप छोड़ी। ‘देखो बाली जीवन की बहार, जी हां, मैं तो कैसी बनी हूं रसीली नार’ गीत पर उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। उनके आकर्षक अभिनय ने रामलीला मैदान में मौजूद खचाखच भरे दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। सुपर्णखा के गीतों के लिए पार्श्व गायन प्रीति ने किया।

रामलीला के मंच पर पौड़ी रामलीला समिति की द्वितीय स्मारिका ‘नमामि रामम्’ का मुख्य अतिथि और साहित्यकारों ने लोकार्पण किया। स्मारिका के संपादक वीरेंद्र खांकरियाल ने बताया कि पहली स्मारिका वर्ष 2014 में प्रकाशित हुई थी। इसके बाद अब प्रकाशित द्वितीय स्मारिका में पौड़ी रामलीला के पिछले 12 वर्षों के इतिहास को समेटने का प्रयास किया गया है। उन्होंने स्मारिका के लिए लेख उपलब्ध कराने वाले सभी लेखकों और साहित्यकारों का आभार जताया।

इस मौके पर वरिष्ठ रंगकर्मी गौरी शंकर थपलियाल, समिति के संरक्षक हरीश रावत, आशुतोष नेगी, साहित्यकार विनोद रावत, अद्वैत बहुगुणा, मनोज रावत अंजुल, डॉ. अंकित उछोली, डॉ. मदन मोहन नौडियाल आदि मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

Livevns.news Desk
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