मेहुवाला में 10 बीघा जमीन पर विकसित हो रही अवैध कॉलोनी ध्वस्त
देहरादून, 28 अप्रैल (हि.स.)। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मेहुवाला क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्राधिकरण ने यह कदम उठाया है।, श
सेक्टर वाइज टीमों से निगरानी तेज
एमडीडीए ने अवैध प्लॉटिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सैक्टर वाइज टीमों का गठन किया है। ये टीमें नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण कर रही हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई कर रही हैं। प्राधिकरण का मानना है कि इस व्यवस्था से अवैध कॉलोनियों पर समय रहते रोक लगाई जा सकेगी और शहर का विकास योजनाबद्ध तरीके से होगा।
मेहुवाला में 10 बीघा जमीन पर चल रही थी प्लॉटिंग
प्राधिकरण की टीम को जांच के दौरान मेहुवाला माफी, निकट ईंट भट्टा क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग की जानकारी मिली। यहां कमल राठौर व अन्य द्वारा “श्रीराम इन्क्लेव” में करीब 10 बीघा भूमि पर बिना स्वीकृति प्लॉटिंग की जा रही थी। मामले की पुष्टि होने पर प्राधिकरण ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के निर्देशों पर की गई। मौके पर सहायक अभियंता विजय रावत, अवर अभियंता मुनेश राणा और सुपरवाइजर की टीम मौजूद रही।
पूरी कार्रवाई नियमानुसार और प्रशासनिक निगरानी में संपन्न हुई। एमडीडीए की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि प्राधिकरण अब अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ पूरी तरह सख्त रुख अपना चुका है। आने वाले समय में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है, जिससे शहर में अव्यवस्थित विकास पर रोक लगाई जा सके और नागरिकों के हितों की रक्षा हो सके।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “अवैध रूप से कॉलोनियां विकसित करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे आम नागरिकों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। कई बार लोग बिना जांच-पड़ताल के ऐसे प्लॉट खरीद लेते हैं, जिससे भविष्य में उन्हें कानूनी और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एमडीडीए ने सैक्टर वाइज टीमों का गठन कर निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया है। हमारी टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं और जहां भी अवैध गतिविधियां सामने आती हैं, वहां तत्काल कार्रवाई की जाती है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल

