आगामी कुंभ पर्वों की निर्विघ्नता के लिए श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने महाकाल में की विशेष पूजा

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आगामी कुंभ पर्वों की निर्विघ्नता के लिए श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने महाकाल में की विशेष पूजा


हरिद्वार, 07 सितंबर (हि.स.)। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री एवं जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने मध्य प्रदेश के उज्जैन के श्रीमहाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। इससे पूर्व श्रावण मास में सन्यास परंपरा के अनुसार हरिद्वार में चातुर्मास प्रवास के दौरान भी उन्होंने कुंभ की सफलता के लिए रुद्राभिषेक और हवन-पूजन किया था।

जूना अखाड़े के प्रवक्ता गोपाल रावत ने सोमवार को हरिद्वार में बताया कि श्रीमहंत हरीगिरी ने भगवान महाकाल का दूध, दही, घी, शर्करा और शहद से पंचामृत अभिषेक कर 2027-28 में होने वाले महाकुंभ के निर्विघ्न, शांतिपूर्ण और दिव्य-भव्य आयोजन की कामना की। इस दौरान बड़ी संख्या में संत-महात्मा और श्रद्धालु मौजूद रहे।

गोपाल रावत ने बताया कि 2027 में हरिद्वार और नासिक में तथा 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होना है। इसी को देखते हुए श्रीमहंत हरि गिरि महाराज देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और तीर्थ स्थलों पर विशेष अनुष्ठान कर रहे हैं। हरिद्वार प्रवास में उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कुंभ मेला प्रशासन के अधिकारियों से मिलकर मेले की व्यवस्थाओं, अखाड़ों के लिए भूमि आवंटन, संतों की सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन को लेकर सुझाव दिए थे।

गोपाल रावत के अनुसार महाकाल दर्शन के बाद श्रीमहंत ने कहा कि अखाड़ा परिषद का लक्ष्य है कि आगामी तीनों कुंभ सनातन परंपरा के अनुरूप दिव्य और भव्य हों। इसके लिए शासन-प्रशासन और अखाड़ों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। इस सिलसिले में वे जल्द ही मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के मेला प्रशासन के साथ बैठक कर तैयारियों को अंतिम रूप देंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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