महादेवी वर्मा स्मृति व्याख्यान 27 मार्च को, सरबजीत गरचा देंगे बारहवां व्याख्यान

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महादेवी वर्मा स्मृति व्याख्यान 27 मार्च को, सरबजीत गरचा देंगे बारहवां व्याख्यान


नैनीताल, 23 मार्च (हि.स.)। सुप्रसिद्ध छायावादी कवयित्री महादेवी वर्मा के 119वें जन्मदिन के अवसर पर आगामी 27 मार्च को कुमाऊँ विश्वविद्यालय के रामगढ़ स्थित महादेवी वर्मा सृजनपीठ में 12वां महादेवी वर्मा स्मृति व्याख्यान आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर चंडीगढ़ साहित्य अकादमी से सम्मानित कवि, लेखक, संपादक, अनुवादक एवं प्रकाशक सरबजीत गरचा ‘समकालीन वैश्विक काव्य संसार और हिंदी: संवाद एवं अनुवाद’ विषय पर व्याख्यान देंगे।

महादेवी वर्मा सृजनपीठ के निदेशक प्रो. शिरीष कुमार मौर्य ने बताया कि सरबजीत गरचा को भारत सरकार की फैलोशिप तथा ब्रिटिश काउंसिल की इंटरनेशनल पब्लिशिंग फैलोशिप प्राप्त हो चुकी है। उनकी प्रमुख कृतियों में ‘आल वी हैव’ और ‘ए क्लॉक इन द फार पास्ट’ शामिल हैं। उनकी रचनाओं का जर्मन, स्पेनिश, रूसी, लिथुआनियन सहित कई भारतीय भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। वह दिल्ली एनसीआर स्थित बहुभाषी प्रकाशन संस्था कॉपर कॉइन के संस्थापक एवं संपादकीय निदेशक हैं।

कार्यक्रम मुख्य अतिथि आलोचक, निबंधकार एवं अनुवादक डॉ. सुबोध शुक्ल और विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी की उपस्थिति एवं कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित होगा। पीठ के समन्वयक मोहन सिंह रावत के अनुसार कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में आमंत्रित साहित्यकारों के साथ प्राध्यापकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों का परिसंवाद भी आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महादेवी वर्मा सृजनपीठ की वार्षिक व्याख्यानमाला के अंतर्गत इस आयोजन में पूर्व में प्रो. नामवर सिंह, प्रो. मैनेजर पांडेय, प्रो. केदारनाथ सिंह, प्रो. विश्वनाथ त्रिपाठी, अरुण कमल, मंगलेश डबराल, मृदुला गर्ग, प्रो. राजेन्द्र कुमार, हरीश चंद्र पाण्डे, लीलाधर मंडलोई एवं देवेंद्र मेवाड़ी आदि साहित्यकार सहभागिता कर चुके हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

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