मुख्यमंत्री धामी ने कुंभ मेले के लिए 234.55 करोड़ की 34 परियोजनाओं का शिलान्यास किया

WhatsApp Channel Join Now
मुख्यमंत्री धामी ने कुंभ मेले के लिए 234.55 करोड़ की 34 परियोजनाओं का शिलान्यास किया


हरिद्वार, 21 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हरिद्वार में कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान कुंभ मेला नियंत्रण भवन में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत 234.55 करोड़ रुपये की लागत वाली 34 स्थायी विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप कुंभ मेला-2027 के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन के साथ-साथ हरिद्वार शहर के दीर्घकालीन विकास को सुदृढ़ करने में यह परियोजनाएं अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य समय पर पूरे किए जाएं और कुंभ से जुड़ी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित हों। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और इस आयोजन को सफल बनाएं।

शिलान्यास किए गए कार्य

—घाट निर्माण एवं सिंचाई अवसंरचना (सिंचाई विभाग) कुल 07 कार्य, लागत रुपये 70.54 करोड़—अपर गंगा नहर के दाएं एवं बाएं तट पर विभिन्न स्थानों पर घाटों का निर्माण एवं पुनर्विकास।—90 मीटर स्पान का कम्पोजिट स्टील गर्डर द्वि-लेन सेतु निर्माण।—03 अस्थायी पुलों की स्थापना, मरम्मत एवं रख-रखाव।—सड़क एवं परिवहन अवसंरचना (लोक निर्माण विभाग) कुल 12 कार्य, लागत रुपये 127.23 करोड़—बहादराबाद-सिडकुल चार लेन मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण।—राष्ट्रीय राजमार्ग-334 (दिल्ली-हरिद्वार-देहरादून) का चौड़ीकरण।—नगर क्षेत्र में बीसी (बिटुमिनस कंक्रीट) द्वारा नवीनीकरण, फुटपाथ निर्माण एवं सौंदर्यीकरण।—हरिद्वार मास्टर प्लान के अंतर्गत प्रशासनिक रोड कॉरिडोर का विकास।—पेयजल एवं जल आपूर्ति अवसंरचना (जल संस्थान) कुल 09 कार्य, लागत रुपये 18.11 करोड़—पंपिंग जलापूर्ति योजनाओं का पुनर्गठन।—1500 केएल क्षमता का ओवरहेड टैंक एवं ट्यूबवेल निर्माण।—10 मीटर व्यास के 05 आरसीसी इन्फिल्ट्रेशन कुओं का निर्माण।—श्रद्धालु सुविधाएँ एवं सहायक अवसंरचना कुल 06 कार्य, लागत रु. 18.67 करोड़—चंडी देवी एवं मनसा देवी मंदिर मार्ग पर तीर्थयात्रियों हेतु सुविधाओं का विकास।—बैरक एवं औषधि भंडारण कक्ष का निर्माण।—मेला नियंत्रण भवन का नवीनीकरण एवं अतिरिक्त बैरकों का निर्माण।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

Share this story