सड़क हादसे में शुरुआती मिनट अहम, छात्रों को सिखाए फर्स्ट रिस्पॉन्डर स्किल्स
पौड़ी गढ़वाल, 16 सितंबर (हि.स.)। सड़क दुर्घटना या किसी अन्य आपात स्थिति में समय पर दी गई प्राथमिक सहायता घायल के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है। इसी उद्देश्य से केंद्रीय विद्यालय पौड़ी में सड़क सुरक्षा एवं फर्स्ट रिस्पॉन्डर स्किल्स पर तीन घंटे का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। परिवहन विभाग एवं पराज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, पौड़ी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रशिक्षण में 200 से अधिक छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और विद्यालय स्टाफ ने प्रतिभाग किया।
प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने दुर्घटना सहित विभिन्न आपात परिस्थितियों में घायल को तत्काल सहायता देने, प्राथमिक उपचार करने और जरूरी सावधानियां बरतने की जानकारी दी। प्रतिभागियों को फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका और हादसे के बाद शुरुआती समय में उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों के बारे में भी बताया गया।
आरटीओ विमल पांडे ने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता के साथ प्रत्येक व्यक्ति को आपात स्थिति में प्राथमिक सहायता का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए। दुर्घटना के बाद शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। आसपास मौजूद व्यक्ति सही तरीके से सहायता उपलब्ध कराए तो घायल को समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने तक उसकी स्थिति संभालने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने विद्यार्थियों से यातायात नियमों का पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और सड़क पर स्वयं के साथ दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखने की अपील की।
कार्यक्रम में परिवहन कर अधिकारी विजय कुमार आर्य, पराज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के एकेडमिक हेड मयंक सिंह, नर्सिंग ऑफिसर कंचन, परिवहन विभाग के अधिकारी, विद्यालय के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

