हरिद्वार में आधुनिक रोपवे सिस्टम बनाने की कवायद तेज

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हरिद्वार में आधुनिक रोपवे सिस्टम बनाने की कवायद तेज


देहरादून, 08 अप्रैल (हि.स.)। हरिद्वार में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना को लेकर राज्य सरकार ने रणनीतिक स्तर पर प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर बुधवार को सचिवालय में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में परियोजना के क्रियान्वयन, वित्तीय व्यवहार्यता, भूमि हस्तांतरण और कन्सेशन अवधि जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि रोपवे परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत डीबीएफओटी आधार पर विकसित किया जाएगा, जिससे आधुनिक तकनीक और निवेश दोनों सुनिश्चित हो सकें। समीक्षा के दौरान यह भी बताया गया कि परियोजना की अनुमानित निर्माण लागत लगभग 75 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर आंकी गई है, जबकि भूमि, स्टेशन निर्माण और अन्य सुविधाएं अलग से शामिल होंगी। प्रस्तावित रोपवे स्टेशन के लिए आवश्यक भूमि उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधीन होने के कारण इसके हस्तांतरण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।

सचिव आवास ने परियोजना की कन्सेशन अवधि को बढ़ाने के विकल्प पर भी विचार करने को कहा, ताकि निवेशकों की भागीदारी बढ़ाई जा सके। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजना को शीघ्र डीपीआर स्तर से आगे बढ़ाते हुए ईएफसी स्तर पर प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि रोपवे परियोजना के क्रियान्वयन से हरिद्वार में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ ही तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सुरक्षित एवं आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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