यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश

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यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश


उत्तरकाशी, 12 सितंबर (हि.स.)। चारधाम यात्रा के दूसरे चरण के शुभारंभ से पहले यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। आयुक्त गढ़वाल मंडल के निर्देश पर चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन के विशेष कार्याधिकारी डॉ. प्रजापति नौटियाल ने शनिवार को बड़कोट से जानकीचट्टी तथा जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम तक पैदल ट्रैक का निरीक्षण किया। इस दौरान क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत, सफाई और यात्रियों की सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।

बड़कोट-जानकीचट्टी राष्ट्रीय राजमार्ग पर पालीगाड़ से जानकीचट्टी के बीच किमी 71 से 76 तक सात स्थानों पर सड़क निर्माण कार्य चल रहा है। मार्ग पर यातायात सुचारु है।

वहीं ओजरी के समीप किमी 76 से 79 तक निर्माण कार्य डीपीआर के इंतजार में बंद है। अधिकारियों ने शीघ्र डीपीआर स्वीकृत होने के बाद कार्य शुरू करने की जानकारी दी।

जानकीचट्टी से यमुनोत्री तक छह किलोमीटर पैदल मार्ग के किमी दो पर बारिश से क्षतिग्रस्त हिस्से की करीब आधी मरम्मत पूरी हो चुकी है। इसे 15 सितंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। भांडेलीगाड़ के पास नदी कटाव से क्षतिग्रस्त करीब छह मीटर हिस्से तथा भैरव मंदिर के पास पत्थर गिरने से क्षतिग्रस्त करीब पांच मीटर मार्ग और रेलिंग की मरम्मत भी शीघ्र पूरी करने को कहा गया।

निरीक्षण के दौरान पैदल मार्ग के कई स्थानों पर कूड़ा और शौचालयों में गंदगी मिलने पर सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए।

सुलभ एजेंसी की ओर से 40 सफाई कर्मी तैनात किए गए हैं। मार्ग पर पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, जबकि घोड़े-खच्चरों के चारे के स्थानों की सफाई और उनके नियमित टीकाकरण के निर्देश भी दिए गए।

यमुनोत्री धाम में घोड़े-खच्चरों और डंडी-कंडी के लिए घोड़ा पड़ाव की व्यवस्था है, लेकिन भीड़ बढ़ने पर सीमित स्थान के कारण जोखिम बना रहता है। बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए यमुना नदी के दूसरे छोर पर वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। वहीं वन विभाग की ओर से डायवर्जन प्वाइंट से करीब 2.5 किलोमीटर का वैकल्पिक मार्ग विकसित किया गया है।

जानकीचट्टी में करीब 200 से 300 बड़े वाहनों की पार्किंग क्षमता है। अधिक भीड़ होने पर खरसाली पार्किंग का भी उपयोग किया जाता है।

विशेष कार्याधिकारी डॉ. प्रजापति नौटियाल ने कहा कि चारधाम यात्रा-2026 सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से संचालित हो रही है। 15 सितंबर से शुरू होने वाले दूसरे चरण की यात्रा को देखते हुए यात्रा व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र नौटियाल

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