उत्तरकाशी : श्रीकोट गांव में भाई- बहिन ने चलाया मशरूम अभियान
उत्तरकाशी, 06 जनवरी (हि.स.)।चिन्यालीसौड़ ब्लॉक मुख्यालय से महज से 16 किलोमीटर दूर श्रीकोट गांव में भाई- बहिन ने मशरूम अभियान चला कर हर महीने लाखों कमा रहे हैं। आज दोनों पहाड़ के काश्तकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।
मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने फार्म में जाकर मशरूम उत्पादन की बारीकियों को समझा और काश्तकारों को मशरूम उत्पादन के जरिए आजीविका को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान उन्होंने लोकल फॉर वोकल स्थानीय उत्पादनों के विपणन से काश्तकारों को आजीविका बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया। सीडीओ ने कहा कि रीप परियोजना से सहायतार्थ मशरूम केंद्र के साथ आजीविका संवर्द्धन का विस्तार आवश्यक है।
बता दें कि युवक दीपेंद्र कैन्तुरा अपने ही गांव स्वरोजगार के लिए कुछ हटकर करना चाहता था, ऐसे में उन्हें मशरूम के बारे में पता चला कि इसका उत्पादन उनके गांव में भी हो सकता है। बस, दीपेंद्र ने देहरादून स्थित उत्तराखंड मशरूम प्रसार अधिकारी से सम्पर्क कर मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण लिया।
वापस गांव लौटा और मात्र दस बैग से छोटे से कमरे में मशरूम उत्पादन की शुरुआत कर दी । उसका यह सफर 10-11साल पहले शुरू हुआ यह मिशन आज हजारों बैग के उत्पादन तक पहुंच गया है। आज उसके साथ उसकी छोटी बहिन दीपिका कैन्तुरा भी मशरूम मिशन से जुड़ी हैं। दोनों कंधा से कंधा मिलाकर इस मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं।
दोनों भाई-बहन मिलकर हर साल लाखों का मशरूम पैदाकर उसकी मार्केटिंग भी खुद ही कर रहे हैं। उन्होंने आसपास के गांवों की महिलाओं को भी प्रशिक्षण दिया है जो अब मशरूम उत्पादन से जुड़ गई हैं। उन्होने मशरूम का एक आउटलेट श्रीकोट गांव में तथा दूसरा यहां के नजदीकी बाजार चिन्यालीसौड़ में खोल दिया है। वे रोज मशरूम तोड़कर अपनी स्कूटी से चिन्यालीसौड़, डुंडा, ब्रह्मखाल और उत्तरकाशी तक बेच आते हैं, अब उनके सैकड़ों नियमित ग्राहक बन गये हैं। वे मशरूम से अचार व ड्राई कर उसे देहरादून के मार्केट तक भेजते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / चिरंजीव सेमवाल

