टेक्नोलॉजी की संप्रभुता ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति बनेगी: राज्यपाल
देहरादून, 14 मई (हि.स.)। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने लोक भवन में “एआई थीम रूम” का उद्घाटन और “एआई ऑन व्हील्स” वाहन का फ्लैग ऑफ किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि आज उत्तराखण्ड में एक नई तकनीकी क्रांति की शुरूआत हुई है और यह क्रांति देश की युवा शक्ति तथा “अमृत पीढ़ी” के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत ने 21वीं सदी तथा वर्ष 2047 के “विकसित भारत” के लक्ष्य को पहचान लिया है, और अब देश का युवा वर्ग उसे दिशा देने का कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने “प्रौद्योगिकी संप्रभुता” को भारत के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देश को तकनीक के माध्यम से किसी भी प्रकार की निर्भरता या डिजिटल गुलामी से बचाने के लिए अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता को युवाओं से ही प्रारंभ करना होगा। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे तकनीक के केवल उपभोक्ता न बनें, बल्कि नवाचार और अनुसंधान के माध्यम से उसके निर्माता बनें तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
राज्यपाल ने कहा कि “एआई थीम रूम” नवाचार, अनुसंधान और जनभागीदारी का एक जीवंत केंद्र बनेगा, जहां युवा केवल तकनीक का उपयोग ही नहीं सीखेंगे, बल्कि समस्याओं के समाधान भी विकसित करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहाँ से निकलने वाले स्टार्टअप्स और शोध कार्य उत्तराखण्ड को नई तकनीकी दिशा प्रदान करेंगे।
राज्यपाल ने “एआई ऑन व्हील्स” पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि यह मोबाइल एआई केंद्र प्रदेश के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों और सुदूर गांवों के विद्यार्थियों तक आधुनिक तकनीकी शिक्षा पहुंचाने का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल डिजिटल अंतराल को समाप्त कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक तकनीक की पहुँच सुनिश्चित करेगी।
राज्यपाल ने टेक्नो हब इंजीनियरिंग के युवाओं, विशेषकर सिद्धार्थ माधव एवं उनकी टीम को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनके द्वारा प्रारंभ की गई तकनीकी क्रांति की यह लौ पूरे प्रदेश में नवाचार और तकनीकी जागरूकता का प्रकाश फैलाएगी। कार्यक्रम में रोबोट का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया, जिसने बच्चों को स्मृति-चिह्न भेंट किए जो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही।
लोक भवन में स्थापित एआई थीम रूम एक अत्याधुनिक तकनीकी एवं नवाचार केंद्र है, जिसकी स्थापना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती तकनीकों को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
आधुनिक एआई सिस्टम, रोबोटिक्स, आईओटी डिवाइस, एडवांस कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरैक्टिव तकनीकों से सुसज्जित यह केंद्र विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं के लिए एक सहयोगात्मक मंच के रूप में कार्य करता है। इसका उद्देश्य उत्तराखण्ड में तकनीकी असमानता को कम करना तथा उन लोगों को आधुनिक तकनीकी संसाधनों तक पहुंच प्रदान करना है जिन्हें सामान्यतः ऐसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पातीं। एआई थीम रूम का लक्ष्य युवाओं को सीखने, नवाचार करने और समाज के लिए प्रभावशाली तकनीकी समाधान विकसित करने हेतु प्रेरित एवं सक्षम बनाना है।
एआई ऑन व्हील्स, लोक भवन
एआई ऑन व्हील्स एक अत्याधुनिक मोबाइल तकनीकी प्रयोगशाला है, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती तकनीकों को उत्तराखण्ड के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। नवीनतम तकनीकी उपकरणों और शिक्षण संसाधनों से सुसज्जित यह पहल विद्यार्थियों एवं ग्रामीण समुदायों के बीच डिजिटल जागरूकता, नवाचार और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने का कार्य करती है। एआई ऑन व्हील्स एक चलती-फिरती नवाचार प्रयोगशाला के रूप में कार्य करती है, जो तकनीकी समावेशन की राज्य सरकार की परिकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इस पहल के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रौद्योगिकियों, भविष्य उन्मुख कौशलों तथा वैज्ञानिक सोच के प्रति जागरूकता को राज्य के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर भारतीय रिमोट सेंसिंग संस्थान के निदेशक डॉ. आर पी सिंह, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, अपर सचिव रीना जोशी, निदेशक आईटीडीए आलोक कुमार पाण्डे, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल, कुलपति तकनीकी विश्वविद्यालय प्रो. तृप्ता ठाकुर और विभिन्न कॉलेजों व स्कूली बच्चों ने प्रतिभाग किया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल

