क्षतिपूरक वृक्षारोपण स्थलों का चिन्हीकरण तेज़, विकास परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार

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देहरादून, 03 जनवरी (हि.स.)। जनपद पिथौरागढ़ में वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े प्रकरणों के त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण को सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं विभिन्न प्रस्तावक विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया के समाधान के लिए वन विभाग ने रिज़र्व फॉरेस्ट एवं वन पंचायतों के अंतर्गत उपलब्ध खाली एवं डीग्रेडेड क्षेत्रों का योजनाबद्ध तरीके से चिन्हीकरण किया जा रहा है, ताकि क्षतिपूरक वृक्षारोपण के लिए प्रस्तावक विभागों को समय पर उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराई जा सके।

वन पंचायतों के अंतर्गत 290 हेक्टेयर, रिज़र्व फॉरेस्ट के अंतर्गत 300 हेक्टेयर भूमि को क्षतिपूरक वृक्षारोपण के लिए उपयुक्त रूप में चिन्हित किया जा चुका है। यह भूमि भौगोलिक, पर्यावरणीय एवं तकनीकी दृष्टि से अनुकूल पाई गई है, जहाँ दीर्घकालिक हरित आवरण विकास की व्यापक संभावनाएँ हैं।

जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने निर्देश दिए कि चिन्हित स्थलों से संबंधित समस्त अभिलेखीय एवं प्रक्रियात्मक औपचारिकताएँ प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण की जाएँ तथा प्रस्तावक विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर क्षतिपूरक वृक्षारोपण एवं वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया तय समयसीमा में पूरी की जाए।

प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष सिंह ने बताया कि क्षतिपूरक वृक्षारोपण को वन विभाग केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि दीर्घकालिक पर्यावरण संरक्षण की ठोस रणनीति के रूप में क्रियान्वित कर रहा है। चिन्हित क्षेत्रों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रजातियों का वैज्ञानिक पद्धति से चयन कर वृक्षारोपण किया जाएगा, जिससे स्थायी हरित आवरण विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि डीग्रेडेड वन क्षेत्रों के पुनर्जीवन से जैव विविधता संरक्षण, मृदा एवं जल स्रोतों का संरक्षण तथा पर्यावरणीय संतुलन को मजबूती मिलेगी। भविष्य में भी चरणबद्ध तरीके से और अधिक उपयुक्त क्षेत्रों का चिन्हीकरण किया जाएगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया गया कि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को समान महत्व देते हुए कार्य किया जा रहा है। क्षतिपूरक वृक्षारोपण न केवल कानूनी आवश्यकता है, बल्कि जनपद के पर्यावरणीय भविष्य को सुरक्षित करने की अनिवार्य जिम्मेदारी भी है।

बैठक में उपजिलाधिकारी सदर मनजीत सिंह, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग, अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई व तहसीलदार विजय गोस्वामी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल

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