एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में नए सत्र की तैयारियां, रैगिंग पर जीरो टॉलरेंस और सुरक्षा व्यवस्था होगी सख्त

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एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में नए सत्र की तैयारियां, रैगिंग पर जीरो टॉलरेंस और सुरक्षा व्यवस्था होगी सख्त


देहरादून, 23 जुलाई (हि.स.)। हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के बिरला परिसर स्थित नियंता मंडल कार्यालय में गुरुवार को मुख्य नियंता की अध्यक्षता में प्रॉक्टोरियल बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के प्रारंभ पर परिसर में अनुशासन, सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई।

बैठक में नव प्रारम्भ हो रहे शैक्षणिक सत्र के दौरान प्रभावी अनुशासन व्यवस्था, परिसर में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने, रैगिंग निषेध के प्रभावी क्रियान्वयन, छात्र-छात्राओं की सुरक्षा तथा प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों के दायित्वों एवं उत्तरदायित्वों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य नियंता प्रोफेसर दीपक कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासन, सुरक्षा, पारदर्शिता एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना प्रॉक्टोरियल बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सदस्य को अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, निष्पक्षता एवं उत्तरदायित्व के साथ करना होगा।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शैक्षणिक सत्र प्रारम्भ होने के साथ ही प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य विश्वविद्यालय के बिरला एवं चौरास परिसरों में नियमित भ्रमण करेंगे तथा शैक्षणिक भवनों, पुस्तकालय, छात्रावासों, प्रवेश द्वारों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण कर अनुशासन व्यवस्था का सतत पर्यवेक्षण सुनिश्चित करेंगे।

प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के लिए सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं अनुशासित वातावरण उपलब्ध कराने हेतु प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य आवश्यकता अनुसार विभिन्न स्थानों पर नियमित भ्रमण करेंगे।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय की आचार संहिता, नियमों एवं विनियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। रैगिंग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा व यूजीसी के रैगिंग निषेध संबंधी प्रावधानों का कठोरता से अनुपालन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर छात्रावासों एवं अन्य संवेदनशील स्थलों का आकस्मिक निरीक्षण भी किया जाएगा।

नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए अनुशासन, रैगिंग निषेध, लैंगिक संवेदनशीलता, नैतिक आचरण एवं विश्वविद्यालय की आचार संहिता से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया। साथ ही, परिसर में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता, उत्पीड़न अथवा अन्य अवांछनीय गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में विश्वविद्यालय सुरक्षा प्रकोष्ठ, छात्रावास अधीक्षकों, विभागाध्यक्षों, प्रवेश प्रकोष्ठ एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित सीसीटीवी प्रणाली एवं अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा किए जाने का भी निर्णय लिया गया।

इसके अतिरिक्त अनुशासन संबंधी सभी प्रकरणों का विधिवत अभिलेखीकरण करने, विश्वविद्यालय में आयोजित प्रवेश प्रक्रिया, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेलकूद एवं परीक्षा संबंधी गतिविधियों के दौरान विशेष निगरानी रखने तथा समय-समय पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड की समीक्षा बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय परिसर में सभी छात्र-छात्राओं के लिए पहचान-पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा।

बैठक के अंत में मुख्य नियंता प्रोफेसर दीपक कुमार ने सभी सदस्यों से विश्वविद्यालय की गरिमा एवं अनुशासन व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दायित्वों का निष्पक्ष एवं उत्तरदायित्वपूर्ण ढंग से निर्वहन करने का आह्वान किया व सभी सदस्यों के सहयोग एवं बहुमूल्य सुझावों के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

बैठक में उप मुख्य नियंता प्रोफेसर ममता आर्या, नियंता मंडल के सदस्य डॉ. डी. के. राणा, डॉ. मनीषा निगम, डॉ. आलोक सागर गौतम, डॉ. कमाल अहमद, डॉ. ओम प्रकाश, डॉ. नितेश बौठियाल, डॉ. पुनीत वालिया, डॉ. दिनेश चौधरी, डॉ. रुकमणी, डॉ. गांधी चौहान, डॉ. ऋतु मिश्रा, डॉ. धीरज शर्मा आदि उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल

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