उत्तराखंड में संक्रामक रोगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एसओपी

उत्तराखंड में संक्रामक रोगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एसओपी
उत्तराखंड में संक्रामक रोगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एसओपी


-स्वास्थ्य सचिव ने जल जनित रोगों की रोकथाम के दिए निर्देश

-जिला स्तर पर रैपिड रिसपॉन्स टीम का गठन, अस्पतालों को व्यवस्था बनाने को कहा

-स्वास्थ्य कर्मियों को जनजागरुकता अभियान चलाने के निर्देश

देहरादून, 10 जून (हि.स.)। राज्य में संक्रामक रोगों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एसओपी जारी कर दी है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने एसओपी जारी करते हुए जल जनित रोगों की रोकथाम को लेकर अधिकारियों-कर्मचारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया गर्मियों के दौरान पेयजल से होने वाले संक्रामक रोगों के मामले अधिक सामने आते हैं। दस्त, पेचिश, हैजा, वायरल हेपेटाइटिस, टाइफाइड इत्यादि के प्रसारण होने का खतरा बढ़ जाता है। संक्रामक रोगों में एक शरीर से अन्य शरीर में फैलने की क्षमता होती है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि नगर निगम, नगर पालिका, पंचायती राज विभाग, ग्राम विकास समिति से समन्वय बनाते हुए स्वच्छता एवं साफ सफाई, जन जागरूकता इत्यादि की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिला स्तर पर रैपिड रिसपॉन्स टीम का गठन

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने क्षेत्र में जल जनित रोग की क्लस्टरिंग ऑफ केसेज पाये जाने पर जनपद स्तरीय रैपिड रिसपॉन्स टीम (रेपिड रिस्पांस टीम) (एपिडिमियोलॉजिस्ट, चिकित्सक फिजिशियन, पीडियाट्रिसियन एवं माइकोबाइलैजिस्ट, पैथोलोजिस्ट) टीम द्वारा त्वरित उपचार, नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु त्वरित कार्यवाही की जाए। समस्त राजकीय एवं निजी चिकित्सा इकाइयों द्वारा जल जनित रोगों के रोगियों की सूचना अनिवार्य रूप से idsp-ihip पोर्टल पर दैनिक रूप से प्रविष्ट किया जाना सुनिश्चित की जाए। जनपद स्तर पर गठित रैपिड रिस्पांस टीम को अलर्ट मोर पर रहने के लिए निर्देशित किया जाए। जल जनित रोगों से संबंधित किसी भी प्रकार की क्लस्टरिंग रिपोर्ट होने की दशा में रैपिड रिस्पांस टीम द्वारा त्वरित रूप से निरोधात्मक कार्रवाई की जाए।

अस्पतालों को व्यवस्थायें बनाने के निर्देश

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने समस्त चिकित्सा ईकाइयों में समुचित मात्रा में ओआरएस, आईवीपलूयूड्स, एन्टीबायोटिक्स व अन्य औषाधियों एवं जल की गुणवत्ता की जांच एवं विशंक्रमण हेतु जनपद स्तर पर ब्लीचिंग पाउडर, क्लोरीन टैबलेट्स, ओटी सोल्यूशन एवं एच 2 एस (H₂S) स्ट्रिप्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जनपद स्तर, ब्लॉक स्तर एवं ग्राम स्तर में पेय जल की गुणवत्ता जांच एवं विसंक्रमण हेतु जल संस्थान विभाग से समन्वय बनाते हुए कार्यवाही की जाए।

जनजागरुकता अभियान चलाने के निर्देश

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने स्वास्थ्य जनपद, ब्लॉक एवं ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से आम जनमानस में जल जनित रोगों से बचाव एवं रोकथाम संबंधित जन जागरूकता कार्रवाई (आईइसी) की जाए एवं हेंड बिल, पोस्टर एवं सामूहिक गोष्ठियों के माध्यम से जनमानस को निम्न स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करें।

संक्रामक रोगों से बचने के लिए इन बातों का रखें ख्याल

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि संक्रामक रोगों से बचने के लिए पानी उबाल कर पियें एवं ढक कर रखे। जल को साफ बर्तनो अयं उचित तरीके से भरें और दूषित जल का उपयोग न करें। ताजे खाद्य पदार्थों का सेवन करें एवं खाद्य पदार्थों को ढक कर रखें। शौच के पश्चात, भोजन करने व बनाने एवं खाने से पहले साबुन से अच्छी तरह हाथ धोवें। शौचालयो का प्रयोग करें एवं शौचालयो को साफ रखें। नहाने के लिए केवल स्वच्छ जल का उपयोग करें।

हिन्दुस्थान समाचार/कमलेश्वर शरण /प्रभात

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