दस पापों से मुक्ति का पर्व गंगा दशहरा

हरिद्वार, 11 जून (हि.स.)। तीर्थनगरी में पहले से ही श्रद्धालुओं, पर्यटकों की भीड़ है। अब 16 जून को प्रमुख स्नान पर्व गंगा दशहरा भी प्रशासन की परीक्षा लेगा। हालांकि इसके लिए पुलिस प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। वृहद यातायात प्लान के साथ ही पूरे मेला क्षेत्र को अलग-अलग जोन व सेक्टरों में बांटने की तैयारी है।

पं. देवेन्द्र शुक्ल शास्त्री के मुताबिक प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 16 जून की रात्रि दो बजकर 32 मिनट से लेकर 17 जून की सुबह चार बजकर 45 मिनट तक रहेगी। इसलिए उदया तिथि के अनुसार इस वर्ष गंगा दशहरा का पर्व 16 जून को मनाया जाएगा।

गंगा दशहरा नाम में दशहरा शब्द का तात्पर्य मनुष्य के दस विकारों के नाश से है। शास्त्रों के अनुसार गंगा अवतरण के इस दिवस पर गंगा जी में स्नान कर शुद्ध मन से भक्तिपूर्वक उपासना करने वाले भक्तों को मां गंगा दस प्रकार के पापों से छुटकारा दिलाकर उपकृत करती है। मनुष्य के जीवन के उन दस प्रकार के पापों में तीन प्रकार के दैहिक कर्म जनित पाप माने गये हैं, जबकि 4 प्रकार के पाप वाणी द्वारा किये जाने वाले एवं 3 अन्य प्रकार के पापों को मानसिक यानी विचार जनित माना गया है। वर्ष के इस प्रमुख स्नान पर्व पर देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों लोग स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचते हैं। गत वर्ष करीब 28 लाख लोगों ने स्नान किया था।

हिन्दुस्थान समाचार/ रजनीकांत/पवन

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