अनुसंधान में आईआईटी रुड़की सबसे आगेः ओम बिरला

अनुसंधान में आईआईटी रुड़की सबसे आगेः ओम बिरला


हरिद्वार, 25 नवंबर (हि.स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की का शुक्रवार को 175वां स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। कायक्रम में मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला रहे। समारोह का शुभारंभ ध्वजारोहण के साथ हुआ।

इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ने आईआईटी रुड़की को 175 वर्ष का गौरवशाली इतिहास रचने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि आईआईटी रुड़की अनुसंधान में सबसे आगे है और देश व क्षेत्र के विकास में योगदान देता रहा है। संस्थान शिक्षा में उत्कृष्टता का वैश्विक स्तर प्राप्त करने और अपने इनोवेटिव रिसर्च से सस्टेनेबल और समतापूर्ण समाज बनाने में प्रयासरत रहा है। मुझे विश्वास है कि आईआईटी रुड़की सदैव राष्ट्र सेवा में समर्पित रहेगा और भारत के लिए विश्व गुरु की योग्यता और पहचान सुनिश्चित करेगा।

डाक विभाग के सचिव विनीत पांडे ने कहा कि आईआईटी रुड़की प्रौद्योगिकी शिक्षा और समाज के विकास में योगदान देने वाला सुप्रतिष्ठित संस्थान है। संस्थान के सफर में इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में स्मारक डाक टिकट जारी करना मेरे लिए सम्मान की बात है। आईआईटी रुड़की निरंतर अनुसंधान और विकास में उत्कृष्टता का केंद्र बना रहे इसके लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं उसके साथ है।

इनके अलावा प्रो. बीवीआर मोहन रेड्डी, चेयरमैन बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, आईआईटी रुड़की और प्रो. के.के. पंत, निदेशक, आईआईटी रुड़की ने स्थापना दिवस के ऐतिहासिक पहलुओं पर अपने विचार रखे।

ब्रिटिश साम्राज्य के पहले इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में 1847 से संस्थान का यह सफर शुरू हुआ। इंजीनियरिंग शिक्षा, अनुसंधान और विकास (आर एंड डी), सामाजिक प्रभाव के योगदान और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में कई अग्रणी पहलों के साथ यह सिलसिला तेजी से आगे बढ़ा है।

आईआईटी रुड़की के 175वें स्थापना दिवस समारोह का एक मुख्य आकर्षण स्टार्टअप एक्सपो 2022 था, जिसमें संस्थान के स्टार्ट-अप इकोसिस्टम से सहयोग प्राप्त लगभग 130 स्टार्ट-अप शामिल थे। इनमें लगभग 50 स्टार्ट-अप्स ने उत्तराखंड क्षेत्र के 100 से अधिक उद्योगों के समक्ष अपने प्रोडक्टध्प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन किया जो मुख्य रूप से रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थकेयर और इलेक्ट्रिक वाहन सहित संबद्ध डोमेन से जुड़े हैं।

आईआईटी रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष प्रो. बीवीआर मोहन रेड्डी ने कहाकि आईआईटी रुड़की वैश्विक स्तर पर समकक्ष संस्थानों के बीच बेहतरीन पहचान बना रहा है।

निदेशक आईआईटी रुड़की प्रो. केके पंत ने कहा कि आईआईटी रुड़की पिछले 175 वर्षों से देश की सेवा में लगा है। इसने गौरवशाली इतिहास रचा है।

175वें स्थापना दिवस समारोह के उपलक्ष्य में एक स्मारक डाक टिकट, सिक्का और एक कॉफी टेबल बुक का लोकर्पण भी किया गया। साथ ही, आईआईटी रुड़की के प्राचीन गौरवशाली इतिहास को दुनिया के सामने रखा।

संस्थान ने 1900 से पूर्व के स्नातकों में पांच दिग्गजों लाला दीन दयाल (1866 बैच), सर गंगा राम (1873 बैच), पंडित शिव नारायण अग्निहोत्री (1868 बैच), मिर्जा मोहम्मद हादी अली ‘रुसवा’ (1876 बैच) और राजा ज्वाला प्रसाद (1900 बैच) के बड़े आकार के तैल चित्रों की एक पिक्चर गैलरी प्रदर्शित की।

हिन्दुस्थान समाचार/ रजनीकांत

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