चरस तस्करी मामले में दो वर्ष का सश्रम कारावास

WhatsApp Channel Join Now
चरस तस्करी मामले में दो वर्ष का सश्रम कारावास


रुद्रपुर, 23 जुलाई (हि.स.)। साल 2018 में खटीमा क्षेत्र में दर्ज चरस तस्करी के मामले में विशेष एनडीपीएस अदालत ने फैसला सुनाया। इस लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) दीपाली शर्मा की अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए दो वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने आदेश में कहा गया है कि यदि आरोपी निर्धारित जुर्माना अदा नहीं करता है तो उसे तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भी भुगतना होगा।

मामले के अनुसार 29 जून 2018 को खटीमा कोतवाली पुलिस क्षेत्र में नियमित गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम कुटरा स्थित एक दुकान के बाहर बैठा एक व्यक्ति अवैध रूप से चरस की बिक्री कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और तत्कालीन क्षेत्राधिकारी कमला बिष्ट की मौजूदगी में मौके पर पहुंचकर संदिग्ध व्यक्ति की घेराबंदी की पुलिस ने नियमानुसार तलाशी की कार्रवाई की, जिसमें आरोपी की जेब से 720 ग्राम अवैध चरस बरामद हुई।

इसके अलावा मादक पदार्थ को तौलकर बेचने के लिए मौके से एक तराजू और बाट भी मिला। पुलिस ने बरामदगी के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में कोतवाली खटीमा में मुकदमा दर्ज किया। जांच अधिकारी ने विस्तृत विवेचना करते हुए साक्ष्य एकत्र किए और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।

मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) दीपाली शर्मा की अदालत में हुई, जहां अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, बरामदगी से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।

सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन परीक्षण किया। उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया और उसके विरुद्ध सजा का आदेश पारित किया।

हिन्दुस्थान समाचार / डी तिवारी

Share this story