देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने की उत्तराखंड में अपार संभावनाएं : राज्यपाल



-बड़ी भूमिका के लिए उत्तराखंड खुद को कर रहा तैयार

-जोशीमठ प्रभावितों के समुचित विस्थापन सरकार की प्राथमिकता

देहरादून, 25 जनवरी (हि.स.)। राज्यपाल ने कहा कि पिछले साल उत्तराखंड ने कई मानकों पर बेहतर प्रदर्शन किया है। देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने की उत्तराखंड में अपार संभावनाएं हैं। भारत वर्ष की विकास यात्रा में उत्तराखण का भी बड़ा योगदान है और हमें एक बड़ी भूमिका के लिए खुद को तैयार करना है। राज्य में रिवर्स पलायन की दिशा में सीमांत गांवों के विकास के लिए विशेष प्लान पर काम किया जा रहा है। दो वर्षों में 2025 में हम अपनी स्थापना के 25 वर्ष भी पूर्ण करेंगे। यह बातें राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में कहीं।

इस अवसर पर राज्यपाल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, भारतीय संविधान के प्रणेता बाबा साहेब आंबेडकर सहित सभी महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और संविधान निर्माताओं को याद करते हुए अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए देश की सुरक्षा में तैनात सैन्य बलों, सभी सुरक्षा एजेंसियों के जवानों को सैल्यूट करते हुए देश की रक्षा में शहीद हुए वीर जवानों को नमन किया।

राज्यपाल ने सभी प्रदेशवासियों से राज्य और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में हमने विकास के कई मानकों पर उत्तराखंड अच्छा प्रदर्शन किया है। उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी के क्षेत्र में हमारे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि 21वीं शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक है। उत्तराखंड में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने की संभावनाएं हैं।

राज्यपाल ने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती रहेगी। भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार प्रभावी कार्रवाई के साथ आगे बढ़ रही है। सख्त नकल विरोधी कानून लाकर युवाओं को भविष्य को संवारेगी।

55 हजार गरीबों को आवास का लक्ष्य -

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में लगभग 55 हजार गरीबों को आवास देने का लक्ष्य रखा गया है। उत्तराखंड में अनेक केन्द्रीय संस्थानों का आगमन हुआ है। ऊधम सिंह नगर में एम्स का सेटेलाइट सेंटर, ड्रोन एप्लिकेशन सेंटर, प्लास्टिक इंजीनियरिंग इंस्टीटयूट, कोस्ट गार्ड भर्ती सेंटर जैसी संस्थाएं उत्तराखंड में आयी हैं। इनका लाभ यहां की जनता को विशेष रूप से यहां के युवाओं और महिलाओं को अवश्य मिलेगा।

प्रदेश के विकास की केन्द्र बिन्दु महिलाएं -

राज्यपाल ने कहा कि इस प्रदेश के विकास की केन्द्र बिन्दु महिलाएं हैं। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के लिये कानून बनाया गया है। महिलाओं को शिक्षा और रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराकर प्रदेश के विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस दिशा में महिला स्वयं सहायता समूहों की प्रमुख भूमिका है। महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अच्छा कार्य कर रही हैं। इन समूहों को, आवश्यक ट्रेनिंग और सहायता प्रदान कर इन्हें और अधिक सशक्त बनाने की कोशिश की जा रही है। आकर्षक पैकेजिंग और प्रोफेशनल मार्केटिंग में ट्रैनिंग पाकर यहां के स्थानीय उत्पाद अच्छे-अच्छे ब्रांड को टक्कर दे सकते हैं। राज्य में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए महिला समूहों को बिना किसी ब्याज के 5 लाख रुपये तक ऋण देने की योजना लागू की गई है। महिलाओं को प्रेरित करने के लिए लखपति दीदी योजना प्रारंभ की गई है।

रिवर्स पलायन को गति देना सरकार की प्राथमिकता -

राज्यपाल ने कहा कि बॉर्डर एरिया और कठिन पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोक कर रिवर्स पलायन की प्रक्रिया को गति देना सरकार की प्राथमिकता है। पलायन की समस्या के समाधान के लिए ग्रामीण एवं दूर-दराज क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त रूप से प्रदान करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार सृजन की और अधिक आवश्यकता है।

वंचित गावों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण -

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड के बिजली से वंचित गावों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है। हर घर जल योजना के अंतर्गत घर-घर पानी पहुंचाया जा रहा है,आयुष्मान भारत योजना से लोगों को निशुल्क इलाज मिल रहा है। बहुत सी अलग-अलग योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रयास भी किये जा रहे हैं।

राज्य की कनेक्टिविटी में सुधार -

राज्यपाल ने कहा कि कनेक्टिविटी किसी भी राज्य के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। कनेक्टिविटी से पर्यटन और निवेश को बढ़ावा दिया जा सकता है। ट्रिपल आर-यानी रोड, रेलवे और रोप-वे के माध्यम से राज्य की कनेक्टिविटी में सुधार किया जा रहा है। पर्यटकों के लिए सरकार विभिन्न स्थानों पर अत्याधुनिक शौचालय और पार्किंग की सुविधाएं देने जा रही है।

ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइवर से जोड़ा जा रहा -

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों में विभिन्न नागरिक सेवाओं की पहुंच बनाने के लिये अच्छी इंटरनेट कनेक्टिविटी भी आवश्यक है। इसके माध्यम से लोगों को बहुत सी सेवाएं और सुविधाएं ऑनलाइन अपने गांव में मिल सकती हैं। बच्चों की स्मार्ट क्लास हो, टेलीमेडिसिन के माध्यम से डॉक्टर का परामर्श हो, सब कुछ आने वाले समय में आसान होने जा रहा है। इसके लिये प्रदेश के दूर-दराज और सीमांत क्षेत्र के लिये बीएसएनसल के बारह सौ दो मोबाइल टावरों को स्वीकृति मिली है। सभी ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइवर से जोड़ा जा रहा है।

जोशीमठ लैंडस्लाइड से निपटने के लिए प्रभावी कदम -

राज्यपाल ने जोशीमठ के साथ-साथ समस्त प्रदेशवासियों को भी आश्वस्त किया है कि जोशीमठ में उत्पन्न स्थिति का जल्दी ही निराकरण किया जायेगा। उत्तराखंड के दुर्गम पर्वतीय भाग प्राकृतिक आपदा से भी प्रभावित रहते हैं। इसके लिए आपदा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत एवं प्रभावी बनाया जा रहा है। जोशीमठ में लैंडस्लाइड की प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए सरकार ने सभी संभव कदम उठाए हैं। प्रभावितों की सुरक्षा और उनका समुचित विस्थापन सरकार की प्राथमिकता है।

भव्य सैन्य धाम की स्थापना -

राज्यपाल ने कहा है कि हमारे वीर सैनिक हमारी शान है। उत्तराखंड सैन्य भूमि है। यहां के लोगों का सेना और अर्धसैनिक बलों के साथ गहरा लगाव है। देहरादून में भव्य सैन्य धाम की स्थापना की जा रही है। राज्य के वीरता पदक पाने वाले सैनिकों को दिये जाने वाले अनुदान में भारी वृद्धि की गई है। केन्द्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में विकास के कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। सात शहरों में सीवरेज, पेयजल, ड्रेनेज और पार्क निर्माण के लिये अमृत योजना चलाई जा रही है।

जैविक और बागवानी में उत्तराखंड विकास की धुरी -

जैविक कृषि और बागवानी उत्तराखंड के विकास की धुरी हैं। उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों के जैविक उत्पादों यहां के शहद यहां के घी यहां की बेमौसमी सब्जियों की बाहर बहुत डिमांड है। इनके उत्पादन को और अधिक व्यवस्थित और प्रशिक्षित तरीके से बढ़ावा देकर हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि लाई जा सकती है। राज्य की बेरीनाग चाय और मुनस्यारी राजमा को जीआई टैगिंग की पहचान मिली है।

धार्मिक और पर्यटक स्थलों पर बेहतर सुविधा -

लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केन्द्र बदरीनाथ-केदारनाथ में रि-डेवलपमेंट और रि-कंस्ट्रक्शन के काम हो रहे हैं। कुमाऊं के पौराणिक मंदिरों को भव्य बनाने के लिये मानसखंड मंदिर माला मिशन प्रारम्भ किया गया है। धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों पर बेहतर यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पर्वतमाला रोप-वे मिशन प्रारम्भ किया गया है। स्वयं प्रधानमंत्री ने केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिये रोपवे की आधारशिला रखी है। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये होम-स्टे योजना अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।

राज्य में कठोर धर्मांतरण कानून लाया गया -

राज्यपाल ने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिये भ्रष्टाचार मुक्त एप-1064 और सीएम हेल्पलाइन 1905 प्रभावी कार्य कर रहे हैं। लगभग 500 सेवाओं को सेवा का अधिकार कानून के अन्तर्गत लाया गया है। जबरन धर्म परिवर्तन रोकने के लिए राज्य में कठोर धर्मांतरण कानून लाया गया है। प्रदेश में बाल वाटिकाओं की स्थापना के साथ उत्तराखंड नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है। उच्च शिक्षा में भी नई शिक्षा नीति लागू कर दी गई है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में रोजगारपरक पाठ्यक्रम क्वालिटी रिसर्च और पेटेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नई तकनीक पर आधारित कोर्सेज पर फोकस किया जा रहा है।

नई पहचान का मुख्य प्रतिभागी उत्तराखंड -

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड में भी जी-20 से जुड़े कार्यक्रम किए होंगे। उत्तराखंड भारत वर्ष की इस नई पहचान का मुख्य प्रतिभागी राज्य है। हमारे पास पूरे विश्व को उत्तराखंड की क्षमता यहां की कला संस्कृति यहां निवेश के अवसर और अन्य खूबियों को दिखाने का अवसर होगा। आज के भारत में विश्व अपना भविष्य देख रहा है। हम पुनः एक बार विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर हैं। हमारी संस्कृति, योग-ध्यान-आयुर्वेद, हमारा प्राचीन ज्ञान दोबारा से स्थापित हो रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार/राजेश

हमारे टेलीग्राम ग्रुप को ज्‍वाइन करने के लि‍ये  यहां क्‍लि‍क करें, साथ ही लेटेस्‍ट हि‍न्‍दी खबर और वाराणसी से जुड़ी जानकारी के लि‍ये हमारा ऐप डाउनलोड करने के लि‍ये  यहां क्लिक करें।

Share this story