गौला में खत्म होने वाला है रेता बजरी बड़ा कारोबार फावड़े-बेलचे फिर हो जाएंगे खामोश

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गौला में खत्म होने वाला है रेता बजरी बड़ा कारोबार फावड़े-बेलचे फिर हो जाएंगे खामोश


हल्द्वानी , 16 अप्रैल (हि.स.)। राज्य को सबसे अधिक राजस्व देने वाली गौला नदी से खनन निकासी को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। इस साल का खनन सत्र अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और अधिकांश लक्ष्य पहले ही पूरा कर लिया गया है। फिलहाल करीब 8 लाख घन मीटर उपखनिज अभी शेष रह गया है।

आंकड़ों के अनुसार, नदी के विभिन्न निकासी गेटों से प्रतिदिन लगभग 34 हजार घन मीटर उपखनिज की निकासी की जा रही है। इसी रफ्तार से काम जारी रहा तो अनुमान है कि आगामी करीब 23 दिनों में, यानी लगभग 8 मई तक गौला नदी के सभी गेटों पर खनन कार्य समाप्त हो जाएगा। इसके बाद यहां फावड़ों और बेलचों की आवाजें थम जाएंगी।

हल्द्वानी से लेकर उधम सिंह नगर के शांतिपुरी क्षेत्र तक फैले गौला नदी के गेटों पर प्रतिदिन 7000 से अधिक वाहन उपखनिज ढुलाई में लगे रहते हैं। इन वाहनों के माध्यम से रोजाना 34 से 36 हजार घन मीटर उपखनिज निकाला जाता है, जिससे राज्य को महत्वपूर्ण राजस्व प्राप्त होता है और हजारों लोगों को रोजगार भी मिलता है।इस बार का खनन सत्र सामान्य रूप से संचालित रहा है और लक्ष्य समय पर पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। तराई केंद्रीय वन विभाग के गौला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी चंदन सिंह अधिकारी ने बताया कि यदि परिस्थितियां सामान्य रहीं तो मई के दूसरे पखवाड़े तक शेष लक्ष्य भी पूरा कर लिया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता

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