भारत की आध्यात्मिक चेतना का एक जीवंत केन्द्र गंगोत्री धाम- चिदानन्द
उत्तरकाशी, 02 अक्टूबर (हि.स.)। गांधी की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को गंगोत्री धाम पहुंचे परमार्थ पीठाधीश्वर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि गंगोत्री एक दिव्य तीर्थ है, यह भारत की आध्यात्मिक चेतना का एक जीवंत केन्द्र है। यहां से प्रवाहित होती मां गंगा केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, श्रद्धा, आस्था और जीवन की अविरल धारा हैं।
उन्होंने गंगोत्री से आह्वान किया कि सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति केवल किसी अभियान का लक्ष्य नहीं, बल्कि तीर्थों की पवित्रता की रक्षा का संकल्प बने। गंगोत्री से उठने वाली यह आवाज पूरे उत्तराखंड और देश के सभी तीर्थों के लिये संदेश है कि प्लास्टिक फ्री गंगोत्री, प्लास्टिक फ्री उत्तराखंड और प्लास्टिक फ्री तीर्थ बने।
शुक्रवार को गंगोत्री धाम पहुंच परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के पीठाधीश्वर स्वामी चिदानंद सरस्वती व डा. साध्वी भगवती ने गंगोत्री धाम पहुंच कर मां गंगा के दर्शन किए और विधिवत पूजा अर्चना की। इस दौरान उन्होंने स्वच्छता अभियान के माध्यम से प्रकृति, तीर्थ और राष्ट्र प्रेम का संदेश दिया। कहा कि
गंगोत्री, एक दिव्य तीर्थ है, यह भारत की आध्यात्मिक चेतना का एक जीवंत केन्द्र है। यहां से प्रवाहित होती मां गंगा केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, श्रद्धा, आस्था और जीवन की अविरल धारा हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र नौटियाल

