जिलाधिकारी ने तहसील की समीक्षा के साथ बेदीखाल पंपिंग पेयजल योजना का किया निरीक्षण
पौड़ी गढ़वाल, 14 जनवरी (हि.स.)। जनपद के दूरस्थ क्षेत्र बीरोंखाल भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जहां एक ओर तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र की महत्वपूर्ण बेदीखाल पंपिंग पेयजल योजना का स्थलीय निरीक्षण कर उसकी तकनीकी और संचालन संबंधी स्थिति की विस्तार से जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने बेदीखाल के लिए निर्मित पंपिंग पेयजल योजना के निरीक्षण के दौरान पंपिंग हाउस, मोटर क्षमता, हेड प्रेशर, डिस्चार्ज क्षमता एवं पाइपलाइन नेटवर्क की स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने पंप संचालन के समय जल आपूर्ति की अवधि, दबाव संतुलन तथा विद्युत उपलब्धता के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने ऑपरेटर से संवाद कर दैनिक संचालन, मेंटेनेंस शेड्यूल, संभावित ब्रेकडाउन एवं बैकअप व्यवस्था पर फीडबैक लिया। जिलाधिकारी ने फिल्ट्रेशन यूनिट में प्रयुक्त मीडिया, क्लोरीनेशन प्रक्रिया और टर्बिडिटी नियंत्रण की जानकारी लेते हुए जल गुणवत्ता मानकों के अनुरूप क्वालिटी टेस्ट एवं फिल्ट्रेशन टेस्ट कराने के निर्देश दिए।
अधिशासी अभियंता जल निगम नवनीत कटारिया ने अवगत कराया कि जल नमूनों को भौतिक, रासायनिक एवं जीवाणु परीक्षण हेतु सतपुली प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जिलाधिकारी ने योजना को 31 जनवरी तक टेस्टिंग फेज पूर्ण करने, प्रेशर एवं डिस्चार्ज की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा उपजिलाधिकारी को जल निगम के साथ संयुक्त तकनीकी निरीक्षण करने के निर्देश दिए। योजना के पूर्ण क्रियान्वयन से 37 राजस्व गांवों को सुरक्षित एवं निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने बीरोंखाल तहसील के मुख्यालय स्यूंसी पहुंचकर उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं राजस्व उपनिरीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक की। साथ ही तहसील का निरीक्षण भी किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अधिकारी केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित रूप से गांवों में भ्रमण कर आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने आपदा क्षति का समयबद्ध आकलन, दाखिल-खारिज प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण, प्रमाण पत्रों को ऑनलाइन माध्यम से जारी करने तथा ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की ई-ऑफिस आईडी नहीं बनी है, उन्हें एक सप्ताह के भीतर आईडी बनाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने पटवारी चौकियों और गांव भ्रमण की तिथियां निर्धारित कर उन्हें सार्वजनिक रूप से चस्पा करने, मरम्मत योग्य चौकियों को चिन्हित कर प्रस्ताव भेजने, सभी राजस्व पोर्टलों को अद्यतन रखने तथा निर्वाचन से संबंधित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों में पूर्ण सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं, सीएम हेल्पलाइन, किसान सम्मान निधि, अतिक्रमण, आपदा क्षति एवं अवैध खनन के मामलों की भी विस्तार से समीक्षा की और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही जन–जन की सरकार जन-जन के द्वार कार्यक्रमों को जन समर्पण पोर्टल पर अपलोड करने तथा क्षेत्र में जंगली जानवरों की सक्रियता को लेकर आवश्यक समन्वय करने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी थलीसैंण कृष्णा त्रिपाठी, तहसीलदार शंकर सिंह बंग्याल सहित संबंधित अधिकारी एवं राजस्व उपनिरीक्षक मौजुद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

