पात्र लोगों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क विधिक सहायता दें: नाजिश

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पात्र लोगों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क विधिक सहायता दें: नाजिश


पौड़ी गढ़वाल, 15 अक्टूबर (हि.स.)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से गुरुवार को पैनल अधिवक्ताओं एवं लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (एलएडीसीएस) के अधिवक्ताओं की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता सिविल जज एवं प्राधिकरण की सचिव नाजिश कलीम ने की। बैठक में पैनल अधिवक्ताओं के लिए जारी नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिवक्ताओं को निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए।

सचिव नाजिश कलीम ने कहा कि निःशुल्क विधिक सहायता के अंतर्गत आने वाले मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विधिक सहायता प्राप्त कर रहे लाभार्थियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखा जाए, ताकि उन्हें अपने प्रकरण की प्रगति की जानकारी मिलती रहे। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता यह सुनिश्चित करें कि किसी भी पात्र व्यक्ति को विधिक सहायता प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक में पैनल अधिवक्ताओं एवं एलएडीसीएस के कार्यों की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों की स्थिति और लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही विधिक सेवाओं पर चर्चा की गई। इसके साथ ही मामलों के निस्तारण में प्रगति, अभिलेखों के रखरखाव और कार्य निष्पादन का पूरा विवरण संधारित करने पर भी जोर दिया गया। सचिव ने अधिवक्ताओं को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक प्रकरण से संबंधित दस्तावेजों को व्यवस्थित रखें और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि नई एसओपी का उद्देश्य विधिक सहायता व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। इसलिए सभी अधिवक्ता एसओपी के प्रावधानों को गंभीरता से लेते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करें। मामलों की प्रगति पर नियमित नजर रखने के साथ लाभार्थियों को उनके प्रकरण से संबंधित आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराएं।

बैठक में समाज के आर्थिक रूप से कमजोर, जरूरतमंद और वंचित वर्गों तक निःशुल्क विधिक सहायता पहुंचाने के प्रयासों की भी समीक्षा की गई। सचिव ने कहा कि आर्थिक स्थिति किसी भी व्यक्ति के न्याय पाने में बाधा नहीं बननी चाहिए। पात्र व्यक्तियों को प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण विधिक सहायता उपलब्ध कराना प्राधिकरण की प्राथमिकता है।

इसके लिए सभी अधिवक्ता आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर कानूनी सहायता मिल सके और वे अपने अधिकारों के संरक्षण के लिए न्याय व्यवस्था का लाभ उठा सकें।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

Livevns.news Desk
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