सुरक्षित डिजिटल भारत हमारी आवश्यकता : राज्यपाल

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सुरक्षित डिजिटल भारत हमारी आवश्यकता : राज्यपाल


देहरादून, 11 सितंबर (हि.स.)। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने शुक्रवार को यूपीईएस विश्वविद्यालय में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन एडवांसमेंट इन साइबर सिक्योरिटी एंड डिजिटल फॉरेंसिक्स-2026 में प्रतिभाग किया।

यूपीईएस के स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस की ओर से आयोजित इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के शोधकर्ता, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, उद्योग जगत के विशेषज्ञ और विद्यार्थी शामिल हुए। सम्मेलन में साइबर अपराध, बढ़ते साइबर खतरों और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि आज डिजिटल तकनीक हमारे जीवन के लगभग हर क्षेत्र से जुड़ चुकी है। बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और शासन से लेकर उद्योग, ऊर्जा, परिवहन और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे तक डिजिटल प्रणालियों पर हमारी निर्भरता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में डिजिटल भारत हमारी शक्ति है, लेकिन सुरक्षित डिजिटल भारत हमारी आवश्यकता है।

राज्यपाल ने सम्मेलन के आयोजन के लिए यूपीईएस और सभी आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि साइबर सुरक्षा का सीधा संबंध देश की तकनीकी प्रगति, आर्थिक सुरक्षा, नागरिकों के विश्वास और राष्ट्रीय सुरक्षा से है। तकनीक की गति के साथ साइबर सुरक्षा की क्षमता भी बढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था में लोगों का विश्वास तभी कायम रहेगा, जब उन्हें अपने डेटा, पहचान, मेहनत की कमाई और देश की महत्वपूर्ण प्रणालियों की सुरक्षा का भरोसा होगा।

डिजिटल फॉरेंसिक्स को साइबर सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि अपराध का स्वरूप बदलने के साथ अपराध की जांच की पद्धति में भी बदलाव जरूरी है। मोबाइल फोन, कंप्यूटर, सर्वर, नेटवर्क और अन्य डिजिटल माध्यमों में महत्वपूर्ण साक्ष्य उपलब्ध होते हैं। इन डिजिटल साक्ष्यों की पहचान, संरक्षण और वैज्ञानिक विश्लेषण न्याय व्यवस्था तथा कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नए समाधान विकसित करने के लिए आगे आना होगा। शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से बदलते साइबर खतरों से एक कदम आगे रहने की क्षमता विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा में आत्मनिर्भरता का अर्थ अपनी तकनीक, अपने विशेषज्ञ, अपने समाधान और अपनी सुरक्षा क्षमता विकसित करना है। इसके लिए सरकार, विश्वविद्यालय, उद्योग, सुरक्षा एजेंसियों और समाज को मिलकर काम करना होगा।

इस अवसर पर अध्यक्ष यूपीईएस विश्वविद्यालय डॉ. राम शर्मा, कुलपति यूपीईएस विश्वविद्यालय प्रो. सुनील राय, आयोजन अध्यक्ष डॉ. सुभाभन चौधरी, आदि उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल

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