जिला कारागार में चैत्र नवरात्र पर श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ

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जिला कारागार में चैत्र नवरात्र पर श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ


हरिद्वार, 19 मार्च (हि.स.)। चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर रोशनाबाद स्थित जिला कारागार में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन शुरू हो गया है। इस आध्यात्मिक आयोजन का उद्देश्य जेल में बंद कैदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना और उन्हें धर्म व नैतिक मूल्यों से जोड़ना है, ताकि सजा पूरी होने के बाद वे समाज में एक बेहतर नागरिक के रूप में जीवन जी सकें।

कथा प्रारंभ होने से पूर्व जेल परिसर में भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्य, जेल प्रशासन के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में बंदियों ने भाग लिया। कलश यात्रा के बाद विधिवत व्यास पूजन किया गया।

व्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री द्वारा किया जा रहा है। वे अपने प्रवचनों के माध्यम से धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश देते हुए बंदियों को सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करेंगे। कथा का आयोजन श्री अखंड परशुराम अखाड़े के तत्वावधान में कराया जा रहा है।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्य ने चैत्र नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कारागार प्रशासन का उद्देश्य केवल अपराधियों को दंड देना नहीं, बल्कि उनके सुधार और पुनर्वास की दिशा में कार्य करना भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम बंदियों के मन में सकारात्मक विचार उत्पन्न करते हैं और उन्हें गलत रास्तों से दूर रहने की प्रेरणा देते हैं।

कथाव्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कथा के माध्यम से बंदियों के जीवन में नई दिशा और सकारात्मक सोच का विकास होगा। श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने इस आयोजन को बंदियों के जीवन में सुधार लाने की दिशा में एक सार्थक पहल बताते हुए जेल प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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