सीडीओ डॉ. दीपक सैनी ने दारमा घाटी के वाइब्रेंट विलेजेज का किया निरीक्षण, 169 करोड़ के विकास कार्यों की समीक्षा

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सीडीओ डॉ. दीपक सैनी ने दारमा घाटी के वाइब्रेंट विलेजेज का किया निरीक्षण, 169 करोड़ के विकास कार्यों की समीक्षा


पिथौरागढ़, 22 अक्टूबर (हि.स.)। जनपद पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी ने विगत दिनों दारमा घाटी स्थित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में सम्मिलित विभिन्न गांवों का दो दिवसीय निरीक्षण किया।

इस दौरान उन्होंने विभिन्न गांवों में संचालित विकास कार्यों एवं पूर्ण हो चुके कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने के साथ ही ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उनके सुझाव भी प्राप्त किए। निरीक्षण में मुख्य विकास अधिकारी ने दुगतू, मारछा, तिदांग, ढाकर, गो, फिलम, बालिंग, दर, सोबला, सेला सहित अन्य गाँवों का भ्रमण किया और संचालित योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने फिलम गांव में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया व गांव में ही स्थानीय लोगों के साथ प्रवास भी किया। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं एवं क्षेत्र की आवश्यकताएं मुख्य विकास अधिकारी के समक्ष रखीं।

मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के प्राथमिकता के आधार पर समाधान के निर्देश दिए। इस अवसर पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गर्मजोशी से मुख्य विकास अधिकारी का स्वागत किया।

मुख्य विकास अधिकारी ने भारत के सीमांत गांव सीपू एवं तिदांग को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़क का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण का कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमांत क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर बनाने के लिए सड़क संपर्क अत्यंत महत्वपूर्ण है। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा गुणवत्ता में कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने फिलम एवं दुगतू को जोड़ने वाली ट्रॉली से भी धौली गंगा को पार किया तथा ट्रॉली की स्थिति का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री बॉर्डर एरिया विकास कार्यक्रम के अंतर्गत फिलम गांव में निर्माणाधीन ईको हट्स का निरीक्षण करते हुए उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने वाले कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और ग्रामीणों के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित करने में मदद मिल सके।

दो दिवसीय भ्रमण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने गो, दुग्तू एवं फिलम गांवों में भी ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने गांवों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, संचालित विकास योजनाओं तथा स्थानीय आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

ग्रामीणों द्वारा दिए गए सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के संबंध में मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि ग्रामीणों की मांग एवं क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसे गांवों को भी कार्यक्रम में सम्मिलित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, जो वर्तमान में इस कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि सीमांत गांवों का समग्र विकास, मूलभूत सुविधाओं का विस्तार तथा ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

निरीक्षण के दौरान सीमांत गांवों में विद्युत कनेक्टिविटी से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई। संबंधित विभागीय अधिकारियों ने अवगत कराया कि क्षेत्र को पावर ग्रिड से जोड़ने का कार्य प्रगति पर है तथा इसे वर्ष 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्य पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों को विद्युत आपूर्ति से संबंधित बेहतर सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सीमांत क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाए तथा योजनाओं का लाभ निर्धारित समय पर ग्रामीणों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद विकास कार्यों में समयबद्धता, पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखना आवश्यक है। ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान आपसी समन्वय के साथ प्राथमिकता पर किया जाए, ताकि सीमांत क्षेत्रों में विकास की गति को और तेज किया जा सके।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ दीपक सैनी ने बताया कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत दारमा घाटी के गांवों में विभिन्न योजनाओं के तहत 169 करोड़ रुपए के विभिन्न कार्य संचालित हैं। इन कार्यों से इस क्षेत्र में विभिन्न विकासात्मक कार्य किए जा रहे हैं ।

हिन्दुस्थान समाचार / संतोष दरियाल

Livevns.news Desk
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