साइबर ठगी पर एसटीएफ की कार्रवाई तेज, 2026 में अब तक 21.85 करोड़ रुपये बचाए
देहरादून, 13 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड में साइबर ठगी के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की कार्रवाई लगातार जारी है। साइबर अपराध की शिकायत मिलते ही 1930 हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से त्वरित कार्रवाई कर ठगी की रकम को होल्ड कराने का प्रयास किया जा रहा है। एसटीएफ के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक साइबर अपराध पीड़ितों की 21.85 करोड़ रुपये की धनराशि बचाई जा चुकी है।
एसटीएफ के अनुसार अगस्त माह में अब तक कई साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई की गई है। तीन अगस्त को चमोली के नंदप्रयाग घाट निवासी जसपाल सिंह ने 60 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी की शिकायत की। हेल्पलाइन टीम ने कार्रवाई करते हुए पूरी रकम होल्ड करा दी। इसी दिन हरिद्वार के बुग्गावाला निवासी नितिन कुमार से 1,30,127 रुपये की साइबर ठगी हुई, जिसमें 91,207 रुपये होल्ड कराए गए। छह अगस्त को नैनीताल के रामनगर निवासी सुलेमान से 3,66,165.23 रुपये की ठगी हुई। टीम ने पूरी रकम होल्ड करा दी। इसी दिन देहरादून कैंट निवासी देवेंद्र कुमार के एक लाख रुपये और हरिद्वार के कनखल निवासी आनंद चौधरी के 3.54 लाख रुपये भी होल्ड कराए गए।
लक्सर निवासी शिम्भू दयाल शर्मा से 2,15,240 रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में 1,25,310 रुपये होल्ड कराए गए। सात अगस्त को देहरादून के रायपुर निवासी देवपाल डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का शिकार हुए। उनसे 21 लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायत मिली। एसटीएफ की त्वरित कार्रवाई के बाद 16,36,835.70 रुपये होल्ड कराए गए।
10 अगस्त को देहरादून के नहरकोठी क्षेत्र निवासी विष्णु दत्त खंडूड़ी से चार लाख रुपये की ठगी में 2,10,744.15 रुपये होल्ड कराए गए। पौड़ी के श्रीनगर निवासी रौनक से 71,999 रुपये की ठगी के मामले में 70,949.10 रुपये और कोटद्वार निवासी वीरेंद्र मेहरा से 8,55,990.70 रुपये की ठगी के मामले में 85,599.07 रुपये होल्ड कराए गए। 12 अगस्त को चमोली के गोपेश्वर निवासी ज्योति बर्थवाल से 60 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई। टीम ने कार्रवाई करते हुए 58,343.71 रुपये होल्ड कराए। फिर 11 अगस्त को अल्मोड़ा निवासी मुकेश लाल स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट फ्रॉड का शिकार हुए। उनसे 17,04,046 रुपये की साइबर ठगी की शिकायत मिली। साइबर हेल्पलाइन टीम ने संबंधित नोडल अधिकारी और आई4सी के माध्यम से कार्रवाई कर 15,96,000 रुपये होल्ड कराए।
एसटीएफ के अनुसार अगस्त में दर्ज इन प्रमुख मामलों में ही करीब 47.55 लाख रुपये की ठगी की रकम होल्ड कराई गई है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी की शिकायत जितनी जल्दी 1930 पर दर्ज की जाती है, रकम को होल्ड कराने की संभावना उतनी ही अधिक रहती है।
एसटीएफ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, ओटीपी, पिन या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें। बैंक खाता किराये या कमीशन पर देना भी अपराध है। खाते में किसी अज्ञात व्यक्ति से धनराशि आने पर तत्काल बैंक और पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई है।
पुलिस ने अज्ञात नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल पर बात न करने और किसी भी तरह के दस्तावेज या निजी जानकारी साझा नहीं करने को कहा है। पुलिस के अनुसार यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी देता है तो घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कोई भी जांच एजेंसी ऑनलाइन गिरफ्तारी नहीं करती।
एसटीएफ ने फर्जी वेबसाइट, ऑनलाइन निवेश में कम समय में अधिक लाभ के लालच और गूगल पर मिले संदिग्ध कस्टमर केयर नंबरों से सावधान रहने की अपील की है। पुलिस ने लोगों से साइबर धोखाधड़ी होने पर बिना देरी 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करने अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। त्वरित शिकायत से ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने और उसे होल्ड कराने में मदद मिल सकती है।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

