टूटा मोबाइल बना पहचान की कड़ी, पुलिस ने 3 दिन में दिलाई अज्ञात शव को पहचान

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हरिद्वार, 07 मई (हि.स.)। उत्तराखण्ड पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। ज्वालापुर पुलिस ने तीन दिन की अथक मेहनत के बाद एक अज्ञात शव की पहचान कर उसे परिजनों तक पहुंचाने में सफलता हासिल की।

04 मई को जटवाड़ा पुल गंगनहर के पास रेगुलेटर पुल क्षेत्र से एक अज्ञात पुरुष का शव बरामद हुआ था। शव के पास कोई पहचान पत्र या दस्तावेज नहीं मिलने से पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो गया था। पंचायतनामा की कार्यवाही के बाद शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया।

तलाशी के दौरान पुलिस को मृतक की जेब से एक पुराना और क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन मिला। पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए उसमें लगे सिम कार्ड को सक्रिय रखा और लगातार प्रयास जारी रखे। आखिरकार 06 मई को उस नंबर पर आई एक कॉल ने पूरे मामले में नई उम्मीद जगा दी।

फोन करने वाले व्यक्ति ने बताया कि यह नंबर बिट्टू नामक व्यक्ति का है, जो उसके यहां कारपेंटर का कार्य करता था। इसके बाद पुलिस ने मृतक की पुत्री हंसा देवी से संपर्क किया, जिन्होंने व्हाट्सएप पर भेजे गए फोटो देखकर मृतक की पहचान अपने पिता ताराचंद उर्फ बिट्टू निवासी मंडी, हिमाचल प्रदेश के रूप में की। इसके बाद मृतक के पुत्र नवीन कुमार हरिद्वार पहुंचे और मोर्चरी में शव की पहचान की। आवश्यक कानूनी कार्यवाही और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

परिजनों ने उत्तराखण्ड पुलिस और ज्वालापुर पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि पुलिस की मेहनत और संवेदनशीलता के कारण ही उन्हें अपने पिता के अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार का अवसर मिल सका।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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