हरिद्वार जिला जेल में बनी हाई सिक्योरिटी बैरक, 50 हार्डकोर कैदियों को रखा जाएगा अलग

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हरिद्वार जिला जेल में बनी हाई सिक्योरिटी बैरक, 50 हार्डकोर कैदियों को रखा जाएगा अलग


हरिद्वार, 07 मई (हि.स.)। रोशनाबाद जिला जेल में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए नई हाई सिक्योरिटी बैरक तैयार कर ली गई है। इस विशेष बैरक में हार्डकोर अपराधियों और कुख्यात गैंगस्टरों को रखा जाएगा, ताकि जेल के भीतर आपराधिक गतिविधियों और नेटवर्किंग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। नई बैरक की क्षमता लगभग 50 बंदियों की बताई जा रही है।

जेल प्रशासन के अनुसार बैरक को इस तरह डिजाइन किया गया है कि गंभीर अपराधों में बंद कैदियों को सामान्य बंदियों से पूरी तरह अलग रखा जा सके। बाहरी तौर पर सामान्य दिखने वाली इस बैरक में आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाए जाएंगे। सुरक्षा निगरानी के लिए हर हिस्से में सीसीटीवी कैमरे और इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए जाने की तैयारी है। उपकरण स्थापित होते ही बैरक को औपचारिक रूप से संचालन में लाया जाएगा।

गौरतलब है कि हरिद्वार जिला जेल पहले भी कई चर्चित अपराधियों को लेकर सुर्खियों में रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर सुनील राठी समेत कई हार्डकोर अपराधी यहां बंद रह चुके हैं। हालांकि बाद में सुनील राठी को दूसरी जेल में शिफ्ट कर दिया गया था।

जेल प्रशासन के मुताबिक 888 कैदियों की क्षमता वाली हरिद्वार जिला जेल में वर्तमान में करीब 950 बंदी निरुद्ध हैं। ऐसे में नई हाई सिक्योरिटी बैरक बनने से सुरक्षा और जेल प्रबंधन दोनों में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

हरिद्वार जिले की दूसरी जेल रुड़की जेल भी पूर्व में कई चर्चित घटनाओं के कारण चर्चा में रही है। यहां जेल अधीक्षक की हत्या और गैंगस्टर चीनू पंडित पर जेल गेट के बाहर हुई फायरिंग जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। बताया जाता है कि उस समय चीनू पंडित और सुनील राठी के बीच दुश्मनी को लेकर भी चर्चाएं हुई थीं।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्या ने बताया कि जेल में कई तरह के हार्डकोर अपराधियों को रखने के लिए विशेष बैरकों की आवश्यकता होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए 50 बंदियों की क्षमता वाली हाई सिक्योरिटी बैरक तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि इस बैरक के सुरक्षा मानक सामान्य जेल बैरकों से अलग होंगे और यहां हर गतिविधि पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी रखी जाएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि सुरक्षा उपकरणों की स्थापना के लिए प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। अनुमति मिलते ही इंस्टॉलेशन का कार्य शुरू कराया जाएगा और उसके बाद हार्डकोर अपराधियों को नई हाई सिक्योरिटी बैरक में शिफ्ट किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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