महंगी किताबों व अवैध शुल्क पर सख्ती, 17 निजी विद्यालयों को नोटिस
नैनीताल, 02 मई (हि.स.)। जनपद में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और अभिभावकों पर पड़ रहे अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने हल्द्वानी, रामनगर और भीमताल क्षेत्र के 17 निजी विद्यालयों को नोटिस जारी कर अनियमितताओं पर स्पष्टीकरण मांगा है।
जांच में पाया गया कि कई विद्यालय एनसीईआरटी के अतिरिक्त महंगी निजी प्रकाशनों की पुस्तकें अनिवार्य कर रहे हैं, पुस्तकों की संख्या जरूरत से अधिक रखी जा रही है तथा अभिभावकों को विशेष दुकानों से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। साथ ही विद्यालयों की वेबसाइट पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं है। नोटिस प्राप्त करने वाले विद्यालयों में देवभूमि सीनियर सेकेंडरी स्कूल मानपुर पश्चिम, गुरु द्रोण पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, लक्ष्य इंटरनेशनल स्कूल, बीएलएम एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, वुडब्रिज स्कूल भीमताल, मल्लिकार्जुन स्कूल भीमताल, सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल पीरुमदारा रामनगर, ग्रेट मिशन पब्लिक स्कूल रामनगर, गार्डन वैली पब्लिक स्कूल रामनगर, आर्यमन विक्रम बिड़ला स्कूल हल्द्वानी, दून पब्लिक स्कूल नवाबी रोड, विस्डम पब्लिक स्कूल रामपुर रोड, इंस्पिरेशन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, एसकेएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल रामपुर रोड, किंग्सफोर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शेमफोर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल मोटाहल्दू तथा हिमालया विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने 15 दिन के भीतर पुस्तकों की संशोधित सूची जारी करने, केवल एनसीईआरटी आधारित पुस्तकों को प्राथमिकता देने, वेंडर अनिवार्यता समाप्त करने, वेबसाइट पर फीस व बुक लिस्ट सार्वजनिक करने तथा अतिरिक्त शुल्क का समायोजन या वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आदेश का पालन न करने पर मान्यता निलंबन व जुर्माना सहित कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

