राजस्व की कम वसूली पर अमीनाें का रूकेगा वेतन, डीम ने दी हिदायत
पौड़ी गढ़वाल, 09 सितंबर (हि.स.)। राजस्व विभाग में लंबित मामलों और वसूली की धीमी रफ्तार ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। वर्षों पुराने राजस्व वादों के निस्तारण में सुस्ती और विविध देयकों की कम वसूली पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए व्यवस्था में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने 50 प्रतिशत से कम वसूली करने वाले अमीनों का वेतन रोकने तक के आदेश दिए हैं।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित राजस्व समीक्षा बैठक में विभागीय कामकाज की परतें खुलीं। समीक्षा के दौरान एक और तीन वर्ष से अधिक पुराने वाद लंबित पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए अगले एक माह में अधिकाधिक पुराने मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। विविध देयकों की वसूली की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। बड़े बकायेदारों से वसूली में तेजी लाने के निर्देश देते हुए डीएम ने साफ किया कि जिन अमीनों की वसूली 50 प्रतिशत से कम है, उनका वेतन रोका जाए। दैवीय आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि आपदा की सूचना मिलने के बाद राजस्व उप निरीक्षक उसी दिन मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन करें। पुराने आपदा कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी गुणवत्ता और प्रगति की जांच करने को भी कहा गया।
भूलेख और फार्मर रजिस्ट्री की धीमी रफ्तार पर नाराजगी
भूलेख एप्लिकेशन में उत्तराधिकार और विरासत संबंधी प्रकरणों के निस्तारण में कम प्रगति पर डीएम ने नाराजगी जताई। ऑफलाइन निरस्त मामलों में कारण स्पष्ट नहीं होने पर भी सवाल उठाए गए। फार्मर रजिस्ट्री में विकासखंड स्तर पर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन और अन्य देयकों के लंबित प्रकरणों पर भी जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेताया। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन अथवा अन्य देयक अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने चाहिए।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और तहसील दिवस की शिकायतों के निस्तारण में भी महज औपचारिकता न करने की हिदायत दी गई। डीएम ने अधिकारियों से शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में ई-ऑफिस के लंबित मामलों, भू-अनुमति पोर्टल, डिजिटल क्रॉप सर्वे और खातेदारों के अंश निर्धारण की भी समीक्षा हुई। तहसीलों में होटल और होमस्टे के सत्यापन तथा नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, एसडीएम श्रीनगर नूपुर वर्मा, चौबट्टाखाल रेखा आर्य, लैंसडाउन शालिनी मौर्य सहित तहसीलदार और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

