पौड़ी मे आर्थिक तंगी के बीच दो बच्चों को मिली शिक्षा की नई राह

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पौड़ी गढ़वाल, 06 अक्टूबर (हि.स.)। आर्थिक तंगी और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण शिक्षा में आ रही बाधाओं के बीच दो जरूरतमंद बच्चों मनीष और मीनाक्षी के लिए उम्मीद की नई राह खुली है। जिला बाल कल्याण समिति के प्रयास से दोनों का श्रीनगर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय में प्रवेश कराया गया है। अब दोनों बच्चों को शिक्षा के साथ सुरक्षित आवासीय वातावरण और बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक सुविधाएं मिल सकेंगी।

मनीष और मीनाक्षी का परिवार लंबे समय से आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहा था। परिवार की आय का मुख्य साधन मजदूरी है। सीमित आय में घर की जरूरतें पूरी करना ही चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई, भोजन, रहने और शैक्षणिक सामग्री का खर्च उठाना परिवार के लिए मुश्किल हो रहा था।

बच्चों की परिस्थितियों को देखते हुए जिला बाल कल्याण समिति की सदस्य गंगोत्री नेगी और सुनीता भट्ट ने पहल की। समिति ने संबंधित स्तर पर समन्वय कर दोनों बच्चों को आवासीय विद्यालय की सुविधा से जोड़ने की कार्रवाई की। प्रवेश के बाद अब बच्चों को नियमित शिक्षा के साथ रहने, भोजन और अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा।

यह कार्य जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में किया गया। बाल कल्याण समिति की ओर से जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा, संरक्षण और पुनर्वास जैसी सुविधाओं से जोड़ने के लिए ऐसे मामलों में प्राथमिकता से कार्रवाई की जा रही है।

समिति की सदस्य गंगोत्री नेगी ने कहा कि जिले में ऐसे बच्चों की पहचान की जा रही है, जिन्हें आर्थिक परेशानी, पारिवारिक परिस्थितियों या अन्य कारणों से संरक्षण और सहायता की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि आसपास कोई बच्चा शिक्षा से वंचित है या उसे संरक्षण की जरूरत है तो इसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दी जाए।

मनीष और मीनाक्षी का आवासीय विद्यालय में प्रवेश केवल उनकी पढ़ाई जारी रखने का अवसर नहीं, बल्कि उनके भविष्य को नई दिशा देने की पहल भी है। समिति का उद्देश्य है कि आर्थिक या पारिवारिक परिस्थितियों के कारण कोई भी बच्चा शिक्षा और अपने अधिकारों से वंचित न रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

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