मुख्यमंत्री ने ‘ब्रायोफिटिक फ्लोरा ऑफ गैरसैंण’ पुस्तक का किया विमोचन

WhatsApp Channel Join Now
मुख्यमंत्री ने ‘ब्रायोफिटिक फ्लोरा ऑफ गैरसैंण’ पुस्तक का किया विमोचन


नैनीताल, 25 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में आयोजित एक कार्यक्रम में कुमाऊं विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग की डॉ. नेहा कोहली, महिला कॉलेज हल्द्वानी के प्रो. एसडी तिवारी, डॉ. प्राची जोशी तथा विभागाध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी की लिखी पुस्तक ‘‘ब्रायोफिटिक फ्लोरा ऑफ गैरसैंण, उत्तराखंड, वेस्टर्न हिमालय’’ का विमोचन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पुस्तकें ज्ञान के सृजन और उसके प्रसार का सशक्त माध्यम होती हैं। इस प्रकार के शोध कार्य उत्तराखंड की जैव विविधता और प्राकृतिक धरोहर को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर विधायक सरिता आर्या, डॉ. भुवन आर्य, प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्री डॉ. अनिल कपूर, डॉ. शंकर कोरंगा, डॉ. ललित, डॉ. जितेंद्र एवं डॉ. मयंक सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि पुस्तक में गैरसैंण क्षेत्र के ब्रायोफाइटिक फ्लोरा का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। ब्रायोफाइट्स छोटे गैर-संवहनी पौधे होते हैं, जो मुख्य रूप से नम एवं छायादार स्थानों में उगते हैं। इन्हें पादप जगत का उभयचर भी कहा जाता है, क्योंकि ये भूमि पर रहते हुए भी निषेचन के लिए जल पर निर्भर रहते हैं। 451 पृष्ठों की इस पुस्तक में कुल 212 ब्रायोफाइट प्रजातियों का विस्तृत अध्ययन किया गया है। इनमें 47 लिवरवर्ट, चार हॉर्नवर्ट तथा 161 मॉस प्रजातियां शामिल हैं। पुस्तक में 23 दुर्लभ एवं स्थानिक प्रजातियों का उल्लेख किया गया है, जबकि 31 प्रजातियां एथनिक बॉटनी के रूप में उपयोग में लाई जाती हैं। पुस्तक का प्रकाशन अमेरिका के कैस्पर, व्योमिंग स्थित सेल पब्लिशिंग ने किया है। पुस्तक की विशेषता यह भी है कि इसमें छह ऐसी प्रजातियों का वर्णन किया गया है, जो पश्चिमी हिमालय के लिए नई हैं, जबकि एक प्रजाति पहली बार भारत में रिपोर्ट की गई है। गैरसैंण, गिरगांव, कालीमती, दिवालीखाल और भराड़ीसैंण क्षेत्रों में पाई जाने वाली इन प्रजातियों के बाह्य एवं आंतरिक लक्षणों के साथ रंगीन फोटोग्राफ भी पुस्तक में प्रकाशित किए गए हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

Share this story